स्वच्छता पखवाड़ा पर सवाल: जादूगोड़ा यूसीआईएल कॉलोनी में गंदगी का अंबार, 48 घंटे की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा :यूसीआईएल द्वारा 16 से 28 फरवरी तक स्वच्छता पखवाड़ा 2026 मनाए जाने के दावों के बीच जादूगोड़ा कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी की गंभीर स्थिति सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले करीब एक महीने से कचरे की नियमित सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर, ओवरफ्लो डस्टबिन और नालियों से उठती बदबू ने हालात बदतर कर दिए हैं।

टेंडर समाप्त, सफाई ठप
जानकारी के अनुसार, कॉलोनी की साफ-सफाई का टेंडर महीनों पहले समाप्त हो चुका है, जिसके बाद से नियमित सफाई कार्य प्रभावित है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

शिकायत और विरोध के बावजूद हालात जस के तस
दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने यूसीआईएल प्रबंधन से कई बार शिकायत की। हाल ही में दुकानदारों ने रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो कॉलोनी का कचरा यूसीआईएल गेट और अधिकारियों के आवास के सामने फेंका जाएगा।
भाजपा जिला मंत्री (पूर्वी सिंहभूम) रोहित सिंह परमार ने कहा कि कंपनी से महज 500 मीटर की दूरी पर लगे डस्टबिनों में एक महीने से कचरा जमा है। उन्होंने इसे स्वच्छ भारत अभियान की खुली अनदेखी बताते हुए कहा कि यदि तत्काल सफाई नहीं हुई तो जनआंदोलन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पानी, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क और नाली की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। गंदे पानी की आपूर्ति और एम्बुलेंस सुविधा के अभाव से गंभीर मरीजों को टाटा अस्पताल तक ले जाने में दिक्कत होती है।
स्वच्छता पखवाड़ा के दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना है कि यूसीआईएल प्रबंधन जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करता है या मामला केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित रह जाता है।

