बारीडीह-बिरसानगर में विकास पर ‘कॉकस’ की चर्चा, क्या कुछ हिस्से रह गए विधायक पूर्णिमा साहू के नजरों से दूर?
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के बारीडीह-बिरसानगर क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर जहां एक ओर योजनाओं का उद्घाटन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के कुछ हिस्सों के उपेक्षित रहने की चर्चा अब चौक-चौराहों तक पहुंच गई है। स्थानीय स्तर पर ‘कॉकस’ और अंदरूनी समीकरणों के कारण कुछ इलाकों के विधायक पूर्णिमा साहू की प्राथमिकता सूची से बाहर होने की बातें कही जा रही हैं।
*विकास कार्यों के बीच उठते सवाल*
हाल में 56 लाख रुपये की विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन के बाद भी बारीडीह-बिरसानगर के कुछ मोहल्लों के निवासियों का कहना है कि उनके क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी अब भी बनी हुई है। सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों के रख-रखाव जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
‘कॉकस’ और स्थानीय समीकरणों की चर्चा
स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि आंतरिक गुटबाजी और सीमित दायरे में निर्णय लेने की प्रवृत्ति के कारण विकास कार्यों का समान वितरण नहीं हो पा रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि जमीनी स्तर पर सक्रिय लोगों की उपेक्षा से असंतोष बढ़ रहा है।
अब देखना यह होगा कि इन चर्चाओं के बीच क्षेत्रीय नेतृत्व किस तरह संतुलन बनाकर विकास की रफ्तार को सभी हिस्सों तक पहुंचाता है।

