झारखंड में विधि व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, अपराधियों में पुलिस का भय खत्म: सांसद बिद्युत बरण महतो
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर।सांसद बिद्युत बरण महतो ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि पूरे राज्य में विधि व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। रांची से लेकर जमशेदपुर तक दिनदहाड़े हत्या, लूट और अपहरण की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे आम जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
सांसद महतो ने कहा कि कुछ दिन पूर्व जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत गोकुल नगर में मात्र पांच सौ रुपये के मोबाइल फोन के मामले में जीत महतो की कथित गैरकानूनी गिरफ्तारी की गई, जिसके बाद पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर मामले में आज तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि तीन दिन पूर्व गालूडीह में भाजपा नेता ताराचंद महतो की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि ताराचंद महतो ने पहले ही पुलिस प्रशासन को अपनी जान को खतरा होने की सूचना दी थी, इसके बावजूद पुलिस ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया।
सांसद महतो ने 13 फरवरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दिनदहाड़े पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त और वरीय आरक्षी अधीक्षक के आवास से कुछ ही दूरी पर युवा उद्यमी कैरव गांधी का बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया गया। उन्होंने कहा कि इससे अधिक भयावह स्थिति और क्या हो सकती है, जब जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के आवास के पास भी अपराधी बेखौफ वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता पूरी तरह बेबस और भगवान भरोसे हो गई है। राज्य में कानून और व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। आम लोग दहशत में हैं और अपराधियों के मन में पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूरा शहर ड्रग्स और शराब के गिरफ्त में आता जा रहा है।
सांसद ने आगे कहा कि इससे पहले भी बिष्टुपुर गुरुद्वारे के पास दिनदहाड़े बंदूक की नोक पर लूट की घटना हुई थी और सोनारी में पिस्तौल दिखाकर स्वर्ण व्यवसायी से आभूषण लूटकर अपराधी फरार हो गए, लेकिन इसके बावजूद अपराध पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
सांसद बिद्युत बरण महतो ने जिला पुलिस से मांग की कि अविलंब समुचित और कठोर कार्रवाई की जाए तथा युवा उद्यमी कैरव गांधी को सकुशल वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं, ताकि जनता का पुलिस और प्रशासन पर भरोसा बहाल हो

