रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन के चेयरमैन रामकृपाल सिंह का निधन, पंचतत्व में हुए विलीन—झारखंड–बिहार में शोक की लहर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बेगूसराय/रांची/पटना। झारखंड–बिहार की अग्रणी कंस्ट्रक्शन कंपनी रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन के चेयरमैन रामकृपाल सिंह का 28 दिसंबर की सुबह निधन हो गया। वे पिछले लगभग 15 दिनों से अस्वस्थ थे और पटना स्थित पारस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। 87 वर्षीय रामकृपाल सिंह मूल रूप से बेगूसराय जिले के रामदिरी गांव के निवासी थे, जबकि रांची के चेशायर होम रोड स्थित आवास पर भी उनका नियमित आवागमन रहता था।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार बेगूसराय स्थित पैतृक गांव में किया गया, जहां वे पंचतत्व में विलीन हो गए। अपने पीछे वे दो पुत्र—सुधीर कुमार और रंजन कुमार, एक पुत्री, दो पोते और दो पोतियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर से झारखंड और बिहार में शोक की लहर दौड़ गई है।
उद्योग जगत में अमिट योगदान
रामकृपाल सिंह ने वर्ष 1973 में प्रोप्राइटरशिप के रूप में कंस्ट्रक्शन व्यवसाय की शुरुआत की थी, जिसे 2003 में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का स्वरूप दिया गया। उनकी कंपनी ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) क्षेत्र में सड़क, रेलवे, खनन और भवन निर्माण जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का सफल संचालन करती रही है।
*झारखंड की पहचान बने प्रमुख प्रोजेक्ट्स*
रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन द्वारा रांची में झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, समाहरणालय भवन, झारखंड हाई कोर्ट, विधानसभा भवन सहित कई प्रमुख सड़कों का निर्माण किया गया है। हाल ही में एसबीआई द्वारा जारी देश की शीर्ष 10 कंस्ट्रक्शन कंपनियों की सूची में शामिल होने के साथ ही झारखंड बिल्डर्स एसोसिएशन से कंपनी को कॉन्ट्रैक्टर ऑफ द ईयर का सम्मान भी प्राप्त हुआ था।
*सामाजिक शोक और संवेदनाए*
दिवंगत रामकृपाल सिंह के निधन पर उद्योग जगत, ब्रह्मर्षि समाज, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने शोक व्यक्त किया। जमशेदपुर ब्रह्मर्षि विकास मंच की ओर से अशोक और कुणाल बेगूसराय पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
*ब्रह्मर्षि विकास मंच की संवेदना*
ब्रह्मर्षि विकास मंच जमशेदपुर के अध्यक्ष विकास सिंह, महासचिव अनिल ठाकुर एवं संस्थापक महासचिव राज किशोर सिंह ने इसे समाज और देश के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकसंतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की।

