दलमा क्षेत्र में टूरिज्म हब का, ग्राम सभा सुरक्षा मंच का तीखा विरोध,
सुकलाल पहाड़िया बोले— “पर्यटन के नाम पर दलमा पहाड़ की प्राकृतिक पहचान खतरे में”
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच, कोल्हान ने दलमा अभ्यारण्य में प्रस्तावित पर्यटन विकास योजनाओं—जिसमें 200 फीट लंबा ग्लास ब्रिज, रोपवे और ‘हवा में सैर’ जैसी परियोजनाएं शामिल हैं—का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंच के केन्द्रीय सचिव सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि सरकार और वन विभाग कभी ईको सेंसिटिव ज़ोन, कभी ईको टूरिज्म और कभी टूरिज्म डेवलपमेंट के नाम पर दलमा के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव करने की कोशिश कर रहे हैं, जो चिंताजनक है।
सुकलाल पहाड़िया ने आरोप लगाया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर वन विभाग द्वारा स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम सभाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा,
“वन विभाग का यह रवैया गलत है। योजनाएं बिना ग्राम सभा की अनुमति और स्थानीय समुदाय की सहमति के लागू की जा रही हैं। अधिक बाहरी पर्यटकों का अनियंत्रित प्रवेश दलमा की प्राकृतिक जैव-विविधता पर गंभीर असर डालेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि दलमा पहाड़ सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि यहां रहने वाले आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान का केंद्र है।
“पर्यटन परियोजनाओं से जंगलों का दोहन बढ़ेगा, वन्यजीव प्रभावित होंगे और हमारी प्राकृतिक धरोहर को गंभीर खतरा होगा,” पहाड़िया ने कहा।
ग्राम सभा सुरक्षा मंच ने मांग की है कि दलमा की जैव-विविधता, जंगल, वन्यजीव और आदिवासी समुदायों की पारंपरिक जीवनशैली को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी विकास कार्य से पहले ग्राम सभाओं से अनुमति ली जाए और स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया जाए।

