उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में DQAC की बैठक, NQAS प्रमाणन, फायर ऑडिट और BLS प्रशिक्षण की प्रगति की हुई समीक्षा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला गुणवत्ता आश्वासन समिति (DQAC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, प्रमाणन प्रक्रियाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक जिला क्षतिपूर्ति उपसमिति के समक्ष किसी भी प्रकार का मुआवजा दावा दर्ज नहीं हुआ है। वहीं NQAS प्रमाणन की समीक्षा में जानकारी दी गई कि जिले के कुल 20 स्वास्थ्य केंद्रों में से तीन केंद्र पहले ही प्रमाणित हो चुके हैं। छह केंद्रों के आवेदन SaQsham पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं, जबकि शेष 11 केंद्रों के आवेदन भी भेजे जा चुके हैं।
PM-ABHIM के तहत विकसित कुछ AAM केंद्रों में चारदीवारी के अभाव के कारण NQAS मूल्यांकन में बाधा की स्थिति सामने आई, जिस पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने पर सहमति बनी। बैठक में सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अद्यतन फायर ऑडिट कराने और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
जिला अस्पताल सहित सभी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम से स्वास्थ्यकर्मियों को जोड़ने तथा इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करना, सुरक्षा मानकों का पालन कराना और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जारी दिशा-निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग होती रहे।

