गेवरा दीपका की हवा जहरीले, सांस लेना हुआ मुश्किल,सड़क पर ना पानी का छिड़काव ना सफाई,उड़ती धूल से बढा प्रदूषण
राष्ट्र संवाद ब्यूरो कमाल अहमद
गेवरा-दीपका:-कोरबा जिले के गेवरा दीपका की आबो हवा खराब है प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहरों में भिलाई रायपुर के अलावा कोरबा भी शामिल है। जिसमें गेवरा दीपका बहुत आगे है।
गेवरा दीपका में प्रदूषण का बड़ा कारण कोयले के छोटे-छोटे कण कोयले का डस्ट और कोरबा में बिजली घरों से निकलने वाला राख है जो ऊर्जाधानी की हवा में घुल गया है गर्मी हो या सर्दी हर मौसम में धूल के कण सांसों में समा रहा है।इससे सांस से संबंधित बीमारियां हो हो रही है। आंखों की रोग भी परेशान कर रही है।
गेवरा दीपका कुसमुंडा में प्रदूषण का बड़ा कारण यहां से निकलने वाला कोयला और इस पर आधारित उद्योग है जिसमें बिजली घर प्रमुख है कोरबा की धरती में कोयले का विशाल भंडार है इसका खनन साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड करती है कोयले को खोदकर एक स्थान पर भंडारण किया जाता है। यहां से पेलोडर या अन्य मशीनों से उठाकर ट्रक ट्रेलर या रेल के वैगन में भरा जाता है इस प्रक्रिया में सबसे अधिक कोयले के छोटे-छोटे कण उड़ते हैं हवा में घुलकर कण आसपास के क्षेत्र में फैल जाते हैं।
यही नहीं जब ट्रक ट्रेलर या अन्य गाड़ियों से कोयला परिवहन किया जाता है तो सही तरीके से ढका नहीं जाता है,रास्ते चलती गाड़ियों से कोल डस्ट उड़ता है। गेवरा-दीपका,कुसमुंडा से कोरबा चांपा, पाली, कटघोरा और हरदी बाज़ार मार्ग पर कोल परिवहन सबसे अधिक है।
पर्यावरण संरक्षण मंडल की खानापूर्ति कार्यवाई
ऊर्जाधानी में प्रदूषण की गंभीर समस्या है इसकी रोकथाम का दायित्व पर्यावरण संरक्षण मंडल पर है लेकिन मंडल की ओर से अभी तक किसी भी संस्थान के खिलाफ कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जो प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर हो। पानी का छिड़काव सही समय पर नहीं होता है जिसके कारण धूल से सांस लेने में लोगों को परेशानी होती है।

