सरयू राय के हस्तक्षेप के बाद टूटा गतिरोध, शर्तों के साथ काम होगा चालू
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। मानगो फ्लाईओवर निर्माण को लेकर चल रहा गतिरोध आज जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय के हस्तक्षेप के बाद खत्म हो गया। सरयू राय की अध्यक्षता में गुरुवार की दोपहर अधिकारियों की सर्किट हाउस में मीटिंग हुई। मीटिंग में प्रभारी एसडीओ चरणजीत सिंह, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता दीपक सहाय और उनके सहयोगी, उप नगर आयुक्त कृष्णा कुमार, मानगो के ट्रैफिक इन्सपेक्टर हरियाउध करमाली और डीआरए कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज और जनता की तरफ से उपेंद्र सिंह मस्तान मौजूद रहे। मीटिंग में फ्लाइओवर के मुद्दे पर एक घंटे से ज्यादा वक्त तक चर्चा हुई। गौरतलब है कि मानगो फ्लाईओवर का मानगो चौक से पायल सिनेमा की ओर जाने वाले रैंप के निर्माण को लेकर गतिरोध आ गया था। दो दिन पहले स्थानीय नागरिकों ने काम रुकवा दिया था।
बैठक में यह निर्णय हुआ कि जो रैंप बनेगा, उसके लिए एक महीना के भीतर उसके सारे खंभे खड़े कर दिये जाएंगे। एक साथ सभी खंभों पर काम नहीं होगा। 14 खंभे बनने हैं। एक बार में तीन-तीन खंभों का ढांचा खड़ा किया जाएगा।
सरयू राय ने बताया कि सुबह 6 से 9 बजे तक बड़ा हनुमान मंदिर से लेकर मानगो पुल की ओर जाने के लिए ट्रैफिक पूरी तरह खुला रहेगा। उसके बाद मानगो पुल से लेकर बड़ा हनुमान मंदिर तक आने का ट्रैफिक दिन भर खुला रहेगा। पायल सिनेमा से मानगो चौक तक जो सड़क है, उसका एक हिस्सा हमेशा खुला रहेगा।
श्री राय ने बताया कि बैठक में एक और सुझाव आया कि डिमना चौक से मानगो चौक तक के इलाके में पूरे दिन नो इंट्री रहे। दो बार इंट्री खुलने से बड़े पैमाने पर जाम लगता है। इसलिए डिमना चौक से मानगो चौक तक दिन भर नो इंट्री रहे। इस संबंध में श्री राय उपायुक्त से बात करेंगे। मीटिंग स्थल पर आशुतोष राय, नीरज सिंह, पप्पू सिंह, पप्पू सूर्यवंशी, संतोष भगत, टुनटुन सिंह आदि मौजूद रहे।
एक फोन पर 65 करोड़ रुपये स्वीकृत
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने इस बात पर खासी नाराजगी व्यक्त की कि लोग स्कीम पास कराकर भूल जाते हैं। 14 महीने से एक छोटी सी बात के लिए काम में रुकावट आ रही थी। बात यह थी कि टाटास्टील की बिजली की तार ऊपर से आ रही थी और नीचे से पानी का पाइपलाइल जा रहा था। इसे हटाना था। जुस्को ने 65 करोड़ रुपये का एस्टीमेट दिया था। यह काम पथ निर्माण विभाग के ठेकेदार को करना था। प्रस्ताव भेजा गया था। इस फाइल पर सैंक्शन करने वाले लोग 14 महीने से बैठे हुए थे। 26 नवंबर को, यानी कल उन्हें बताया गया कि अगर यह काम जल्द से जल्द नहीं हुआ तो फ्लाईओवर निर्माण के कार्य में साल भर की देरी हो जाएगी। 26 नवंबर को ही श्री राय ने अधीक्षण अभियंता, चाईबासा को फोन किया और कड़ाई से कहा कि इस अति आवश्यक योजना को स्वीकृति प्रदान करें और अधीक्षण अभियंता ने स्वीकृति दे दी। अब फ्लाईओवर निर्माण कार्य में तेज़ी आएगी।

