भुईयांडीह में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के बीच पहुँचीं विधायक पूर्णिमा साहू, प्रशासन की लापरवाही पर जताई गहरी नाराज़गी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। भुईयांडीह बर्निंग घाट गोलचक्कर से कल्याण नगर चौक तक कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन और टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के अगले दिन गुरुवार को जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू पीड़ित परिवारों के बीच पहुँचीं। उन्होंने बताया कि घटना के दिन वे प्रातः काल यूनिटी मार्च, घायल पार्टी कार्यकर्ता से मुलाकात एवं रांची विधानसभा में विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों को शीतकालीन सत्र में उठाने हेतु प्रश्न जमा करने गई थीं, जिसके कारण मौके पर तत्काल उपस्थित नहीं हो सकीं। देर रात घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने सुबह सबसे पहले स्वयं स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक पूर्णिमा साहू ने प्रभावित लोगों से मिलकर उनकी व्यथा सुनी और कहा कि अचानक हुई यह कार्रवाई अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ लोग गलत तरीके से यह भ्रम फैला रहे हैं कि इस कार्रवाई के पीछे मेरा हाथ है, जबकि यह पूर्णतः कोर्ट के आदेश पर हुई प्रशासनिक प्रक्रिया थी। मेरा इससे कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने जिला प्रशासन और टाटा स्टील से सवाल किया कि जब सड़क चौड़ीकरण की बात पहले से तय थी, तो प्रभावित परिवारों को अग्रिम सूचना क्यों नहीं दी गई? उन्होंने कहा कि अचानक 30 मिनट की नोटिस देकर घर-दुकान जमींदोज कर देना मानवीय रूप से अस्वीकार्य है। विधायक पूर्णिमा साहू ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति और अस्तित्व बचाने के लिए गरीब परिवारों को ढाल बना रहे हैं। मेरे खिलाफ गलत प्रचार और भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं हमेशा जनता के साथ खड़ी रही हूँ और आगे भी रहूँगी।

