फांसीडंगाल प्राथमिक विद्यालय की पोषण वाटिका बनी मिसाल, जैविक खेती से बच्चों के भोजन में जुड़ रही ताज़ी सब्जियाँ
निजाम खान।राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: नाला प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय फांसीडंगाल में विकसित की गई पोषण वाटिका आज क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है। विद्यालय परिसर में जैसे ही पोषण वाटिका का दृश्य सामने आता है, यह स्पष्ट दिखता है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक शत्रुघ्न मंडल की कड़ी मेहनत रंग ला रही है। उनकी देखरेख में तैयार की गई इस वाटिका में फूलगोभी, बंधा गोभी, टमाटर, पालक, बैंगन, आलू, धनिया और मूली सहित कई तरह की सब्जियाँ लहलहा रही हैं।
प्रधानाध्यापक शत्रुघ्न मंडल बताते हैं कि इस पोषण वाटिका का उद्देश्य बच्चों को ताज़ी और पौष्टिक सब्जियाँ उपलब्ध कराना है, ताकि उनके मध्याह्न भोजन में पोषण का स्तर बढ़ सके। विशेष बात यह है कि इस खेती में किसी तरह के रासायनिक उर्वरक जैसे यूरिया या डीएपी का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसके स्थान पर पूरी तरह गोबर की सड़ी खाद का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सब्जियाँ शुद्ध, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक बन रही हैं।
विद्यालय की यह पहल न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि उन्हें जैविक खेती का मूल्य भी समझा रही है। फांसीडंगाल प्राथमिक विद्यालय की यह पोषण वाटिका शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी सुंदर संदेश दे रही है।

