बांदना पर्व पर पार्किंडीह में गरु व भैंसा खूंटान आयोजित, उमड़ा उत्साह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल : झारखंड की पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीण जीवन का प्रतीक बांदना (सोहराय) पर्व के अवसर पर नीमडीह प्रखंड के पार्किंडीह मेला समिति की ओर से गुरुवार को गरु व भैंसा खूंटान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे क्षेत्र में उत्सव और हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में झामुमो नीमडीह प्रखंड अध्यक्ष सचिन गोप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग प्रकृति और पशुधन दोनों के पूजक हैं। “मिट्टी हमें अन्न देती है, और अन्न उपजाने में पशुधन का महत्वपूर्ण योगदान होता है — खाद से लेकर खेत जोतने तक। इसलिए ग्रामीण जीवन में गाय, बैल और भैंस का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है,” उन्होंने कहा।
सचिन गोप ने आगे बताया कि हमारे पूर्वज हजारों वर्षों से दीपावली के बाद पशुधन की पूजा बांदना या सोहराय पर्व के रूप में करते आ रहे हैं। यह त्योहार हमारी संस्कृति, परंपरा और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति आस्था का प्रतीक है।
कार्यक्रम में अजीत माडी, नरेश हेब्रम, परेश हेब्रम, मंगल मांझी, अनिल मांझी, देवेन टुडू, जग्गानाथ हांसदा, मुटुक मांझी, लम्बू टुडू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

