विश्वास एवं भक्ति की प्रतीक विषहरि माता मनसा की पूजा शंकरदा में परम भक्ति एवं भव्यता के साथ मनाया गया
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका। पोटका प्रखंड के शंकरदा गांव में सौ वर्ष पुरानी मां मनसा की पूजा “डाक संक्रांति” यानी आश्विन महीने के संक्रांति तिथि में शंकरदा में सार्वजानीन मनसा पूजा कमिटी के तत्वावधान में मनाया गया। कल शाम को गांव के पूजा तलाव (ऊपर बांध) से कलश (बारि) लाई गई उक्त कलश यात्रा के साथ “झापान रथ” भी मौजूद थी जिस रथ में सवार थे पुरुलिया वेस्ट बंगाल से आए हुए प्रबुद्ध सपेरों की टीम, जिनके द्वारा अनेकों विषधर सांपों को लेकर विभिन्न प्रकार की खेल एवं करतब दिखाई गई।
सम्पूर्ण भक्ति एवं भव्यता के साथ हजारों श्रद्धालुओं की भिडों के साथ व्रतीओं के द्वारा मां की वारि पूर्ण मंगल कलश लाकर मां की मूर्ति के समक्ष पंडित जी के विधि विधान के साथ स्थापित किया गया।
रात को भक्ति भाव से व्रती पुरुष महिलाओं द्वारा मां की पूजा अर्चना कि गई तत्पश्चात “मनसा मंगल पाठ” हुई। फिर आज सुबह भी मां की पूजा अर्चना के साथ पांठा एवं हंस (बत्तक) की बली दी गई एवं घट विसर्जन किया गया।
कार्यक्रम को सुचारू संचालन हेतु – डॉ.प्रभाकर मंडल, मार्कण्ड भकत, अनिल भकत, रोहित गोप, सूजन भकत, अनादि भकत, नकुल गोप, मुकेश भकत, संजीव गोप, बनमाली भकत, गणपति भकत, आदि पूजा कमिटी के अलावे पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल भी पूर्ण भागीदारी निभाएं।

