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    Home » कुड़मी समाज को एसटी में शामिल करने के विरोध में आदिवासी समाज की आक्रोश रैली
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    कुड़मी समाज को एसटी में शामिल करने के विरोध में आदिवासी समाज की आक्रोश रैली

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarOctober 9, 2025No Comments2 Mins Read
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    कुड़मी समाज को एसटी में शामिल करने के विरोध में आदिवासी समाज की आक्रोश रैली

    हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे, उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर : कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किए जाने के विरोध में आदिवासी समाज के लोगों ने जमशेदपुर में विशाल आक्रोश रैली निकाली। शहर के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक पोशाक और हथियारों के साथ एकत्रित होकर रैली की शक्ल में उपायुक्त कार्यालय पहुंचे।

     

    आदिवासी समाज ने सरकार को चेतावनी दी कि उनकी संस्कृति, पहचान और अधिकारों से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। आदिवासी नेताओं ने कहा कि कुड़मी समाज को एसटी में शामिल करने की मांग एक सोची-समझी साजिश है, जो आदिवासी अस्तित्व और अधिकारों पर सीधा हमला है।

     

    नेताओं ने कहा कि “कुड़मी समुदाय से हमारी कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन जब हमारी भाषा, पूजा-पद्धति, रहन-सहन और परंपरा अलग है, तो उन्हें आदिवासी कैसे माना जा सकता है? हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान पर चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

     

    उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक लाभ के लिए कुर्मी समुदाय को आगे कर रही है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

     

    आदिवासी संगठनों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और जमकर नारेबाजी की। रैली में विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधि, संगठन और आम लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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