जादूगोड़ा में सरकारी जमीन पर बढ़ता अतिक्रमण, प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
जादूगोड़ा।जादूगोड़ा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कई स्थानों पर लोगों ने खुलेआम सरकारी भूमि पर घर, दुकान और पक्के निर्माण खड़े कर दिए हैं। इससे न केवल सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा हो रहा है, बल्कि विकास की कई योजनाएं भी अधर में लटक गई हैं।
*प्रभावशाली लोगों का संरक्षण*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कब्जे के पीछे प्रभावशाली और रसूखदार लोगों का हाथ है। ग्रामीण सुनील कहते हैं
“सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। यही कारण है कि प्रशासन भी कड़ी कार्रवाई करने से हिचकता है।”
*अधूरी कार्रवाई, फिर लौट आते कब्जाधारी*
हालांकि प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाता रहा है। कई जगह बुलडोजर भी चलाए गए, लेकिन कुछ दिनों बाद कब्जाधारी फिर लौटकर निर्माण कर लेते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मीना मुर्मू कहती हैं
“जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलेगा, तब तक सरकारी जमीन पर कब्जे की समस्या खत्म नहीं होगी।”
ग्रामीणों का कहना है कि कई भूमि माफिया लोगों को रेयति जमीन दिखाकर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा दिला चुके हैं। भूमि माफिया ने सरकार को चूना लगाते हुए करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाया है। इतना ही नहीं, कई लोगों के द्वारा बंदोबस्ती जमीन को भी बेच दिया गया है, जहां अब बड़े-बड़े मकान बन चुके हैं।
विकास योजनाओं पर असर
अतिक्रमण का सबसे बड़ा असर विकास कार्यों पर पड़ा है। कई स्थानों पर स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन बनाने की योजनाएं सिर्फ इसलिए अटक गई हैं क्योंकि जमीन पर पहले ही अवैध निर्माण हो चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र में विकास असंभव हो जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि सभी अतिक्रमणों की सूची तैयार की जा रही है और जल्द ही बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा।
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया —
“हम जल्द कार्रवाई करेंगे और कब्जे वाली जमीन पर सीमांकन व बाड़बंदी की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो।”
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क्या कहते हैं एडीसी भागीरथ प्रसाद
एडीसी भागीरथ प्रसाद ने बताया कि कुलड़िहा क्षेत्र में लगातार हो रहे अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई जारी है। पोटका के सीओ से जवाब तलब किया गया है। जांच-पड़ताल के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने कई भूमि माफियाओं को नोटिस भी जारी किया है, जिन्होंने सरकारी जमीन बेचने में भूमिका निभाई है।
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*जादूगोड़ा में सरकारी जमीन पर बढ़ता अतिक्रमण अब गंभीर समस्या बन चुका है। जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं की निगाहें अब प्रशासन पर टिकी हैं कि इस बार वह कितनी सख्ती दिखाता है और क्या वाकई सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया जा सकेगा।*

