जादूगोड़ा बना मिनी जामताड़ा, साइबर अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
जादूगोड़ा:जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में साइबर अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को यूसील माइंस कर्मी खगेश्वर मल्लिक के खाते से साइबर अपराधियों ने ठगी कर 70 हजार रुपये उड़ा लिए। पीड़ित कर्मी ने बताया कि धोखेबाज ने उसके साले की आवाज में फोन कर पैसे ट्रांसफर कराने का झांसा दिया। जब तक उन्हें ठगी का एहसास हुआ, उनके खाते से बड़ी रकम निकल चुकी थी।

इसी बीच, वरीय पुलिस अधीक्षक की गुप्त सूचना पर मुसाबनी डीएसपी संदीप कुमार भगत के नेतृत्व में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के कुख्यात कोकदा गांव से तीन युवकों को दबोचा गया। इनके पास से तीन मोबाइल फोन, एक आईफोन और पांच बैंक पासबुक बरामद किए गए। जांच में खुलासा हुआ कि ये लोग टेलीग्राम, व्हाट्सएप और गूगल रिव्यू/रेटिंग के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी कर रहे थे।

साइबर थाना की तकनीकी जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों से 29 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। अब तक इनके नेटवर्क से 8–10 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन सामने आया है।

गिरफ्तार आरोपी:
केशव चंद्र भकत (25), पिता – चितरंजन भकत
कपिलदेव भकत (40), पिता – मनोरंजन भकत
गिरधारी भकत (22), पिता – चंचल भकत
(सभी निवासी ग्राम कोकदा, थाना जादूगोड़ा, जिला पूर्वी सिंहभूम)

पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि कोकदा गांव अब “मिनी जामताड़ा” बन चुका है। यहां के युवाओं के खिलाफ लगातार साइबर अपराध में संलिप्त होने के आरोप लगते रहे हैं। कई आरोपियों को पहले भी जेल भेजा जा चुका है, लेकिन मुख्य किंगपिन अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

ग्रामीणों का कहना है कि साइबर अपराध की वजह से गांव की छवि धूमिल हो रही है। यहां तक कि लोग अब रिश्तेदारी और शादी-विवाह में भी इस गांव से दूरी बनाने लगे हैं। पुलिस की चुनौती अब उन बड़े मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने की है, जो जेल में बंद आरोपियों के पीछे से इस पूरे खेल को संचालित कर रहे हैं।


