यूसिल में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना, प्रबंधन में मचा हड़कंप

मुख्य संवाददाता राष्ट्र संवाद
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के ग्रामीण महिला मोर्चा की अध्यक्ष पूनम महतो की अध्यक्षता में मोर्चा के सदस्यों ने यूसिल अस्पताल चौक पर यूसील में महिलाओं के लगातार हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। यह धरना गुरुवार सुबह 11 बजे से प्रारंभ हुआ, जिसकी जानकारी मिलते ही यूसील प्रबंधन में हड़कंप मच गया।

मोर्चा की अध्यक्ष पूनम महतो ने कहा कि यूसील में महिलाओं के साथ लगातार शोषण हो रहा है, जिसे मोर्चा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि यूसील के सीएमडी पर भी एक महिला ने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है, जिससे महिला कर्मियों में भय का माहौल बना हुआ है। पूनम महतो ने स्पष्ट कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मोर्चा किसी भी स्तर तक संघर्ष करेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला होमगार्ड कुइली मुर्मू के साथ यूसील के सुरक्षाकर्मी मिथिलेश कुमार सिंह द्वारा उत्पीड़न किया गया है। लगभग दो माह से मोर्चा लगातार इस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन प्रबंधन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। पूनम महतो ने कहा कि पहले भी इस संबंध में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, इसके लिए यूसील प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेदार है।
इस बीच, कोल्हान प्रमंडल के एससी मोर्चा अध्यक्ष राजा कालंदी ने कहा कि यूसील में भ्रष्टाचार चरम पर है और अब महिलाएं भी असुरक्षित हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। वहीं, शाम 4 बजे यूसील अधिकारी महेश साहू ने मोर्चा के सदस्यों को वार्ता के लिए कमेटी सेंटर बुलाया, लेकिन मोर्चा के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे वार्ता तभी करेंगे जब कोई सक्षम पदाधिकारी उपस्थित होगा।
पीड़ित महिला कुइली मुर्मू ने रोते हुए कहा कि अगर मिथिलेश कुमार सिंह पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह धरना स्थल पर ही जान दे देगी। उसने बताया कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि यूसील में सुधार नहीं हुआ तो डुमरी के विधायक एवं झारखंड टाइगर के नाम से प्रसिद्ध जयराम महतो यूसिल में आकर ‘हुड़का जाम’ करेंगे। मोर्चे की सक्रियता से यूसील प्रबंधन में गहरी चिंता है। राज्य भर में इस मोर्चे के आंदोलनकारी युवाओं की भूमिका तेजी से उभर रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी चेतावनी यूसील के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि यूसील पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है और अब अधिकारी वर्ग की कार्यक्षमता भी सवालों के घेरे में आ गई है।
धरना में ग्रामीण महिला अध्यक्ष पूनम महतो, नगर महिला अध्यक्ष सुलोचना महतो, सुनीता महतो, चंपा महतो, मल्लिका भगत, भानुप्रिया महतो, पीड़िता आशा उरांव और कुइली मुर्मू। साथ ही, पूर्व प्रत्याशी रामदास मुर्मू (घाटशिला), विनोद स्वासी (जुगसलाई), उज्ज्वल महतो, तपन महतो, भानुप्रिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे

