स्वर्गीय गुरुजी को दी गई अंतिम श्रद्धांजलि – पूर्व सांसद प्रतिनिधि आशीष तिवारी ने मोराबादी स्थित आवास पर जताया गहन शोक
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा/रांची: झारखंड की सामाजिक चेतना के प्रखर प्रतीक और दिशोम गुरु के नाम से प्रसिद्ध स्वर्गीय गुरुजी को उनके मोराबादी स्थित आवास पर अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर दिशोम गुरु के सांसद प्रतिनिधि रहे आशीष तिवारी ने गहन शोक और सम्मान के साथ अपनी भावनाएं प्रकट कीं।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय गुरुजी न केवल एक राजनीतिक और सामाजिक नेता थे, बल्कि आदिवासी समाज की आत्मा और उनके अधिकारों की बुलंद आवाज थे। उनके मार्गदर्शन में झारखंड की सामाजिक संरचना ने नयी दिशा और ऊर्जा प्राप्त की। गुरुजी ने अपने जीवन का हर क्षण जनसेवा, सामाजिक न्याय और शिक्षा के विस्तार में समर्पित किया।
आशीष तिवारी ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि गुरुजी का जाना न केवल एक व्यक्ति की मृत्यु है, बल्कि एक युग का अंत है। उन्होंने हमेशा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की चिंता की और उनके लिए आवाज उठाई।
श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और गुरुजी के अनुयायी उपस्थित थे। सभी ने गुरुजी के कार्यों को याद करते हुए उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना और पारंपरिक विधियों से अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
आशीष तिवारी ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि गुरुजी की विचारधारा को जीवित रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी और हम सभी उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह क्षण निःसंदेह झारखंड के लिए एक गहरा शोक का समय है, लेकिन साथ ही यह संकल्प लेने का भी समय है कि गुरुजी के सपनों का झारखंड हम मिलकर अवश्य बनाएंगे।

