झामुमो के युवा नेता मोहम्मद सफीक अंसारी ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्र संवाद सं
नाला/जामताड़ा: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के युवा नेता मोहम्मद सफीक अंसारी ने आज झारखंड आंदोलन के प्रणेता, दिशोम गुरु वीर शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन न सिर्फ एक नेता थे, बल्कि एक विचारधारा थे, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को जन-जन तक पहुँचाया और झारखंड राज्य की स्थापना में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
मोहम्मद सफीक अंसारी ने कहा कि दिशोम गुरु का जीवन संघर्ष और बलिदान से भरा रहा। उन्होंने आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने का काम किया।
उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने जो रास्ता दिखाया, उस पर चलकर ही झारखंड को सही दिशा दी जा सकती है। आज जब राज्य कई चुनौतियों से जूझ रहा है, तब दिशोम गुरु की नीतियों और विचारों की सबसे ज्यादा जरूरत है।
अंसारी ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि युवा पीढ़ी को शिबू सोरेन के विचारों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने दिशोम गुरु की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

