अबुवा आवास के घोटाले का कथित आरोपी मुखिया मोहम्मद इस्माइल पर गिरेगी गाज!राष्ट्र संवाद के खबर का असर
बीडीओ निषात अंजुम ने कहा फुलझरिया पंचायत के मुखिया मोहम्मद इस्माइल पर लगे गंभीर आरोप पर लिया गया है संज्ञान
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
गिरीडीह: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की धर्मपत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन के विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर होने की जल्द ही संभावना है।लेकिन यह उजागर तब होगी जब प्रशासन निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करेगी।उम्मीद है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच करेगी और मुखिया पर लगे गंभीर आरोप सत्य पाये जाने की संभावना है।निष्पक्ष जांच तथा उचित कार्रवाई की बात हम इसलिए कर रहे है क्योंकि यह विधानसभा किसी और का विधानसभा क्षेत्र नही बल्कि लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाली आयरन लेडी के रूप पहचाने जाने वाली कल्पना मुर्मू सोरेन का है।जो भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही करेंगी।मामले पर सत्यता पाए जाने की संभावना भी हम इसलिए बता रहे है कि सुत्र से पता चला है कि मुखिया मोहम्मद इस्माइल से संबंधित पदाधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण पूछे जाने पर कुछ संतोषजनक तो कुछ असंतोषजनक जवाब मिला है।सूत्र से राष्ट्र संवाद को यह भी पता चला है कि कुछ योजना का मुखिया से रिकवरी भी हुआ है।बता दे यह मामला गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड अंतर्गत फुलझरिया पंचायत के मुखिया मोहम्मद इस्माइल पर पंचायत के ही निवासी मोहम्मद फारूक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। फारूक का कहना है कि मुखिया ने अबुआ आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर करीब 400 गरीब परिवारों से 10-10 हजार रुपये की अवैध वसूली की है।
मोहम्मद फारूक ने आरोप लगाया कि ये पैसे ग्रामीणों से यह कहकर लिए गए कि उनका नाम आवास योजना में जोड़ा जाएगा और जल्द ही राशि खाते में आएगी। लेकिन महीनों बीतने के बाद भी न तो आवास मिला और न ही पैसे लौटाए गए।
इतना ही नहीं, फारूक ने पंचायत में संचालित अन्य योजनाओं में भी करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मनरेगा, शौचालय निर्माण, सड़क निर्माण,दीदी बाड़ी योजना सहित विभिन्न योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फारूक ने इस घोटाले में गांडेय प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी निषात अंजुम, कनीय अभियंता प्रवीण मंडल,बीपीओ मनोज मुर्मू,रोजगार सेवक मोहम्मद तोहीद,पंचायत सेवक गिरिधारी महतो की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर गबन और फर्जी भुगतान पर जांच में संरक्षण दिया जा रहा है और मुखिया को बचाया जा रहा है। फारूक ने आरोप लगाया कि योजनाओं की स्वीकृति और भुगतान में घोर अनियमितता बरती गई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी बताया कि कई योजनाओं का काम या तो अधूरा है या नाम मात्र का किया गया है। काम का भुगतान पूरा कर लिया गया, लेकिन धरातल पर उसका कोई अता-पता नहीं है।
मोहम्मद फारूक ने इस पूरे मामले की जांच की मांग जिला प्रशासन से की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं की गई तो वे धरना प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से भी हस्तक्षेप की मांग की है।
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि यह विधायक कल्पना सोरेन के विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जो स्वयं “आयरन लेडी” की छवि के साथ सक्रिय राजनीति में हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।ग्रामीणों की आंखों में उम्मीद है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई तो सच्चाई सामने आ सकेगी और उन्हें इंसाफ मिलेगा।
क्या कहते है पदाधिकारी:गांडेय प्रखंड की बीडीओ निषात अंजुम ने फोन के माध्यम से राष्ट्र संवाद के पत्रकार निजाम खान से कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट जिला भेज दी गई है जल्द ही जिला से टीम गठित की जाएगी और इस पूरे मामले की जांच की जाएगी।जेई प्रवीण मंडल ने कहा कि इस पूरे मामले में अगर मुझे दोषी पाया जाता है तो वरीय पदाधिकारी के द्वारा निश्चित रूप से मुझ पर कार्रवाई की जाए,मुझे अपने ऊपर पूर्ण विश्वास है मैं पूरे मामले में दोषी नहीं हूं।पंचायत सेवक गिरिधारी महतो ने कहा मैं एक साल पहले सेवानिवृत हो चुका हूं।मैं आठ महीना ही फुलझरिया पंचायत में कार्यरत था।मेरे कार्यकाल के दौरान ये सब नही हुआ है।वही बीपीओ मनोज मुर्मू का मोबाइल व्यस्त बताया गया।रोजगार सेवक मोहम्मद तोहीद के द्वारा काॅल रीसिव नही किया गया।वही पूर्व में जब इस मामले की खबर राष्ट्र संवाद ने दिखाया था तो एक नंबर से राष्ट्र संवाद के पत्रकार निजाम खान को काॅल आया था और अपने आप को फुलझरिया पंचायत के मुखिया बताते हुये अपने आप को निर्दोष बताया गया था और सभी आरोपो को गलत तथा बेबुनियाद बताया गया था।बता दे सभी पदाधिकारी व कर्मी का मोबाइल नंबर सुत्र से राष्ट्र संवाद को मिला है।

