नरवा माइंस में सुरक्षा पर सवाल आवारा कुत्ते के पास मिला विस्फोटक, क्षेत्र में मचा हड़कंप
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। नरवा माइंस और उसके मुख्य गेट के आसपास बीती रात हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने एक आवारा कुत्ते को विस्फोटक सामग्री (बारूद) लेकर घूमते हुए देखा। यह वही विस्फोटक बताया जा रहा है जिसका उपयोग माइंस में ब्लास्टिंग के लिए किया जाता है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, क्षेत्र में सनसनी फैल गई। हालांकि, सीआईएसएफ कमांडेंट ताराचंद ने बयान जारी कर बताया कि “कुत्ते के पास मिला विस्फोटक डिफ्यूज था और उसमें धमाके की कोई संभावना नहीं थी।”

सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल
माइंस में ब्लास्टिंग के दौरान जो बारूद बेकार हो जाता है, उसे अयस्क के साथ बाहर फेंक दिया जाता है। आशंका है कि कुत्ता वहीं से विस्फोटक उठा लाया। लेकिन सवाल यह उठता है कि इतनी संवेदनशील सामग्री खुले में कैसे पड़ी थी और यह सुरक्षा मानकों का उल्लंघन क्यों किया गया।

यूसीआईएल प्रबंधन चुप
इस मामले में जब यूसीआईएल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई तो किसी भी अधिकारी ने स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। नरवा माइंस के मैनेजर एम.के. सिंह ने कहा कि उन्हें “इस तरह की घटना की कोई जानकारी नहीं है।”
सीआईएसएफ ने दी सफाई
सीआईएसएफ कर्मियों ने कहा कि घटना के वक्त यूसीआईएल के कई अधिकारी और कर्मी मौके पर मौजूद थे। अब यह जांच का विषय है कि कुत्ते के पास मिला विस्फोटक पूरी तरह डिफ्यूज था या सक्रिय।

लोगों में चिंता, अधिकारियों पर आरोप
इस घटना से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। यूसीआईएल जैसी संवेदनशील संस्था में बार-बार सुरक्षा चूक सामने आने से लोगों में सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यूसीआईएल हर साल सुरक्षा पर करोड़ों खर्च करता है, बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती हैं।

डीजीएम राकेश कुमार ने कहा, “मामला गंभीर है, यूसीआईएल प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” गौरतलब है कि इससे पहले भी नरवा माइंस में चोरी और सुरक्षा चूक की घटनाएं हो चुकी हैं, जो इस घटना को और भी गंभीर बनाती हैं।

