जमशेदपुर में बारिश के बाद बाढ़ की तबाही: राहत कम, परेशानी ज़्यादा – महामारी की आशंका से लोग सहमे
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: शहर में बीते कुछ दिनों से हुई मूसलधार बारिश ने बागबेड़ा, नया बस्ती, सोनारी, कदमा और भुइयाडीह जैसे निचले इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी सैकड़ों घरों में घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों की ज़िंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। अब जब पानी उतरने लगा है, तब असली मुश्किलें सामने आ रही हैं। चारों ओर फैली गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध से लोग परेशान हैं। संक्रमण और महामारी की आशंका से लोग डरे हुए हैं।

प्रशासनिक मदद नाकाफी, खुद जुटे लोग
स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन ने केवल ब्लीचिंग पाउडर छिड़का है, बाकी साफ-सफाई का कोई प्रबंध नहीं हुआ। अनिता देवी बताती हैं, “बच्चे बीमार हो रहे हैं, हम खुद झाड़ू, पोंछा लेकर सफाई कर रहे हैं। प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है।”

राशन और कपड़ों की भारी किल्लत
बाढ़ में कई घरों का राशन, कपड़े, बर्तन और बच्चों की स्कूल किताबें बर्बाद हो चुकी हैं। कई परिवारों के पास खाने को चावल-दाल तक नहीं बचा है। स्थानीय लोगों ने राशन, दवाइयों और साफ पानी की मांग की है। हालात सामान्य होने में अभी समय लग सकता है, लेकिन तत्काल राहत और स्वच्छता अभियान की जरूरत सबसे अधिक महसूस की जा रही है।


