जमशेदपुर: आदिवासी रैयत की जमीन के अवैध हस्तांतरण का मामला गरमाया, झामुमो नेताओं ने की जांच की मांग
छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के उल्लंघन का आरोप, अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर :जमशेदपुर अंचल क्षेत्र के अंतर्गत मौजा कालीमाटी, थाना नंबर 1163 के खाता संख्या 02 से जुड़ा आदिवासी रैयत भूमि के अवैध हस्तांतरण का गंभीर मामला सामने आया है। झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया है कि कुना हो सहित अन्य अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों की जमीन गैर-जनजातीयों के नाम ट्रांसफर कर दी गई, जो छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

इस संबंध में झामुमो के जिला संयोजक मंडली सदस्य सागेन पूर्ति और पूर्व प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कू ने अंचल अधिकारी से मुलाकात कर भूमि दस्तावेज सौंपे और अविलंब जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। सागेन पूर्ति ने कहा कि आदिवासी जाति की पहचान को छिपाकर भूमि की खरीद-बिक्री करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि आदिवासी अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने याद दिलाया कि यह मामला 2023-24 के बजट सत्र में भी विधानसभा में उठाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

बहादुर किस्कू ने स्पष्ट आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह का हस्तांतरण संभव नहीं है। झामुमो नेताओं ने सरकार से मांग की है कि आदिवासी हितों की रक्षा के लिए बने कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और दोषियों को बख्शा न जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है।

