सात समंदर पार अमेरिका से आए डॉ ज़ुबैर अहमद करीम ने विद्यार्थियों को दिए सुझाव एवं वितरित किए पुरस्कार
राष्ट्र संवाद संवाददाता सिराज अंसारी जामताड़ा
सावित्री देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, जामताड़ा के विद्यार्थियों को एक विशेष कार्यक्रम के तहत शिक्षाविदों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्री जेया अहमद करीम एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में अगस्टा विश्वविद्यालय, जार्जिया, यूएसए के प्राध्यापक डॉ ज़ुबैर अहमद करीम उपस्थित थे। शिक्षाविद द्वय जामताड़ा महाविद्यालय, जामताड़ा के पूर्व विभागाध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, स्व॰ डॉ मुहम्मद करीम साहब एवं राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, जामताड़ा की पूर्व प्रधानाध्यापिका स्व॰ श्रीमती आमना खातून के सुपुत्र हैं। जामताड़ा में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात अन्य शहरों से उच्च शिक्षा प्राप्त कर आज़ ये सम्मानित पदों पर सुशोभित हैं। माता-पिता के समान ही शिक्षा के विकास में इनका उल्लेखनीय योगदान रहा है। स्वर्गीय डॉ करीम साहब की स्मृति में डीएवी विद्यालय को एक कंप्यूटर प्रयोगशाला इन्होंने उपलब्ध कराया है, जिसका उद्घाटन 12 जुलाई, 2022 को हुआ था।
विशेष प्रार्थना सभा में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जहाँ उपस्थित होकर दोनों शिक्षाविदों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। प्राचार्य डॉ विजय कुमार ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं पौधा देकर स्वागत किया एवं स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
श्री जेया अहमद करीम ने विद्यार्थियों को सुझाव दिया कि हर कक्षा में विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम को अवश्य पूर्ण करना चाहिए। सरकार जो भी पाठ्यक्रम निर्धारित करती है, वह कक्षा के स्तर एवं उपयोगिता को ध्यान में रखकर करती है। सहायक पुस्तकों के बनिस्पत पाठ्य पुस्तक और शिक्षक का अध्यापन अधिक कारगर होता है। ज्ञान में वृद्धि के लिए शिक्षक की बातें ध्यानपूर्वक सुनना और उसपर अमल करना चाहिए।
डॉ ज़ुबैर अहमद करीम ने कहा कि अपने लक्ष्य को निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए सतत् प्रयत्नशील रहने वाले ही सफलता प्राप्त करते हैं। जीवन में आगे बढ़ने का जुनून होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सिर्फ पढ़ें नहीं बल्कि अध्ययन करें। सिर्फ सुनें नहीं उसे आत्मसात करें। शिक्षक से बड़ा हितैषी कोई नहीं होता। उन्होंने आयरलैंड में जन्मे भारतविद्, इतिहासकार, भारतीय सिविल सेवा के सदस्य एवं क्यूरेटर विंसेंट स्मिथ की प्रेरक जीवनी सुनाई।
अगले सोपान पर उन्होंने उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को कैरियर संबंधित सुझाव दिए। भविष्य निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों एवं लक्ष्य को प्राप्त करने के उपाय पर विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने अपने कर-कमलों से हिंदुस्तान ओलंपियाड के विजेताओं को नक़द पुरस्कार का चेक प्रदान किया।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्राचार्य डॉ विजय कुमार ने कहा कि यह हमारे डीएवी विद्यालय की खुशकिस्मती है कि सात समंदर पार अमेरिका में रहने वाले शिक्षाविद हमारे बीच उपस्थित होकर हमारे विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे हैं। इनके बहुमूल्य विचार विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य हासिल करने में मददगार साबित होंगे। धन्य हैं वे लोग जो विदेश में रहकर भी अपनी जन्मभूमि और अपने क्षेत्र को नहीं भूलते।
लाला लाजपत राय बहुद्देशीय सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। रिकी रिमी, सायोनी, अवंतिका, फराह ने स्वागत गान एवं वंशिका, शुभांगिनी और सौमिता ने नृत्य प्रस्तुत किया। मंच संचालन देवाशीष दास ने एवं संगीत निर्देशन स्नेह प्रभात दुबे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

