संवेदक की लापरवाही बनी लोगों की परेशानी का कारण,
खजुरी-लाइकापुर मुख्य मार्ग पर पुलिया निर्माण के दौरान डायवर्सन नहीं बनाए जाने से आवागमन बाधित
पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई राघवेंद्र यादव ने लिया संज्ञान
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: खजुरी-लाइकापुर मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। संवेदक की लापरवाही के चलते इस स्थान पर अब तक कोई वैकल्पिक मार्ग (डायवर्सन) नहीं बनाया गया है, जिससे आमजन को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले छात्र, रोजाना काम पर जाने वाले लोग, बीमारों को अस्पताल पहुंचाने वाले वाहन और जरूरी सामान लेकर आने-जाने वाले सभी प्रभावित हो रहे हैं।यह मार्ग खजुरी, लाइकापुर, नवडीहा,कालीपाथर,बिक्रमपुर,बागडेहरी सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ता है और दैनिक आवागमन का प्रमुख साधन है। लेकिन पिछले लगभग एक महीने से पुलिया निर्माण कार्य के कारण यह रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। खास बात यह है कि निर्माण स्थल पर कोई डायवर्सन नहीं बनाया गया है, न ही वहां कोई चेतावनी बोर्ड या संकेतक लगाए गए हैं, जिससे कि आने-जाने वाले लोग पहले से सतर्क हो सकें।स्थानीय लोगों का कहना है, “हम रोज़ इसी रास्ते से बाजार जाते थे, अब एक अतिरिक्त अधिक दूरी का चक्कर लगाना पड़ता है। बच्चों का स्कूल छूट जाता है और बीमारों को समय पर अस्पताल ले जाना भी कठिन हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिया निर्माण का कार्य शुरू करने से पहले संवेदक को स्पष्ट निर्देश थे कि वह डायवर्सन मार्ग बनाकर ही काम शुरू करें, ताकि जनजीवन प्रभावित न हो। लेकिन निर्माण एजेंसी ने इसे नजरअंदाज कर दिया।इस मुद्दे को लेकर स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है। इस लापरवाही का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संभावित आपदा की नींव भी रख सकता है। अगर कोई आपातकालीन स्थिति आती है, तो जान-माल की हानि से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संवेदक पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और डायवर्सन बनवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
संवेदक की यह लापरवाही आम जनता के जीवन से खिलवाड़ के समान है। विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उनकी योजना और क्रियान्वयन में मानवीय संवेदनाएं सर्वोपरि होनी चाहिए। अगर यही हाल रहा तो जनता का विश्वास प्रशासन से उठ जाएगा और इसका असर सामाजिक व्यवस्था पर भी पड़ेगा।इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के कनीय अभियंता राघवेंद्र यादव ने कहा की एजेंसी को साफ निर्देश दिया गया है कि डायवर्सन जरूर बनाएं। एजेंसी को जल्द ही डायवर्सन बनाने के लिए कहा जायेगा।नही बनाने पर कार्रवाई की जायेगी।

