Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पिता करते हैं सुरक्षा गार्ड की नौकरी, बरेली के बेटे ने पाया जेईई एडवांस्ड में स्थान
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय शिक्षा

    पिता करते हैं सुरक्षा गार्ड की नौकरी, बरेली के बेटे ने पाया जेईई एडवांस्ड में स्थान

    News DeskBy News DeskApril 23, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    • घर की खराब परस्थिति, फिर भी बेटे ने नहीं छोड़ा आईआईटी का सपना

    नोएडा/बरेली। यह कहानी है अंश प्रताप की, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक छोटे से मोहल्ले में रहने वाले एक ऐसे बेटे की, जिसका संघर्ष उसकी उम्र से कहीं बड़ा था। इस वर्ष जेईई मेन 2025 में 658वीं श्रेणी रैंक हासिल कर जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई किया है। यह उपलब्धि उनके जैसे छात्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो कठिन आर्थिक हालात के बावजूद लक्ष्य नहीं छोड़ते।

    राहुल के पिता एक सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हैं, जो अस्थायी और अनिश्चित आमदनी वाली है। परिवार बमुश्किल खर्च चला पाता है और ऐसे में कोचिंग की फीस भर पाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन पिछले वर्ष मोशन एजुकेशन से मिली 21,000 रुपए की छात्रवृत्ति ने उनके शैक्षणिक सपनों को जीवित रखा।

    अंश प्रताप ने बताया कि यदि मन में लग्न और मेहनत हो तो आपको कोई भी परस्थिति आपके लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती l मेरा लक्ष्य केवल पढ़ाई करना ही था, मैं निरंतर मेहनत कर के अपने लक्ष्य को हासिल किया है और मेरा सपना आईआईटी में जाने का है मोशन एजुकेशन और नितिन विजय सर को में धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने मेरे जैसे छात्र को इस योग्य समझा और मेरे को छात्रवृत्ति देकर मेरे लक्ष्य की ओर अग्रसर किया।

    इस सफलता पर मोशन एजुकेशन के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनवी सर (नितिन विजय) ने कहा कि
    सफल होने के लिए टॉपर होना जरूरी नहीं, बल्कि सीखने की ललक, अनुशासन और हिम्मत होना चाहिए। हम मानते हैं कि हर छात्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावना होती है। हम अपने छात्रों और शिक्षकों के इस अद्भुत प्रदर्शन पर गर्व महसूस कर रहे हैं। मोशन एजुकेशन का “छात्र प्रथम, परिणाम द्वितीय” सिद्धांत ऐसे ही छात्रों को अवसर देकर देश के भविष्य को आकार दे रहा है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकरणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत पहुंचे जमशेदपुर अंतिम संस्कार में हुए शामिल
    Next Article छत्तीसगढ़ी महतारी की आरती के अकेले रचनाकार डॉ पाटिल

    Related Posts

    गुण की कीमत मिलती है, गुनाह की चुकानी पड़ती है: जीवन का असली हिसाब

    October 5, 2026

    पत्रकारों की गरिमा पर हमला, सत्ता और विपक्ष दोनों जवाब दें!

    October 5, 2026

    एशियाई खेलों में भारत का दमदार प्रदर्शन

    October 5, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    गुण की कीमत मिलती है, गुनाह की चुकानी पड़ती है: जीवन का असली हिसाब

    पत्रकारों की गरिमा पर हमला, सत्ता और विपक्ष दोनों जवाब दें!

    एशियाई खेलों में भारत का दमदार प्रदर्शन

    विश्व शिक्षक दिवस- 5 अक्टूबर 2026

    एशियाई खेल 2026 में 9 पदक जीतने वाली भारतीय तीरंदाजी टीम का अर्जुन मुंडा ने किया स्वागत

    ड्रोन सर्विलांस के बाद CISF-CCL की कार्रवाई, 129.730 टन अवैध कोयला जब्त

    कोयलरा में जितिया पर्व पर रात भर मांदर की थाप एव पारंपरिक गीतों पर झूमे ग्रामीण

    चतरा की माटी से जुड़े, जनता के बीच रहने वाले कालीचरण सिंह

    UCIL टेलिंग्स पॉन्ड के पास भूजल में 13 गुना अधिक सल्फेट, वैज्ञानिक अध्ययन से उठे सवाल

    UCIL के हीरक जयंती समारोह के बीच अधिकारी का व्यंग्यात्मक पोस्टर वायरल, विस्थापन का दर्द उठाया

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.