Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जीएसटी, सीमा शुल्क मामलों में प्राथमिकी न होने पर भी अग्रिम जमानत मांग सकता है व्यक्ति: न्यायालय
    Headlines राष्ट्रीय

    जीएसटी, सीमा शुल्क मामलों में प्राथमिकी न होने पर भी अग्रिम जमानत मांग सकता है व्यक्ति: न्यायालय

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 27, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    जीएसटी, सीमा शुल्क मामलों में प्राथमिकी न होने पर भी अग्रिम जमानत मांग सकता है व्यक्ति: न्यायालय

    नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि अग्रिम जमानत का प्रावधान माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम और सीमा शुल्क कानून पर लागू होता है और व्यक्ति प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर भी गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए अदालतों का रुख कर सकता है।

     

     

    प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने सीमा शुल्क अधिनियम, जीएसटी अधिनियम में दंड प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पिछले साल 16 मई को फैसला सुरक्षित रखा था। याचिकाओं में कहा गया है कि ये प्रावधान दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और संविधान के अनुरूप नहीं हैं।

    प्रधान न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दंड प्रक्रिया सहिंता (सीआरपीसी) और उसके बाद बने कानून-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधान अग्रिम जमानत जैसे मुद्दों पर सीमा शुल्क और जीएसटी अधिनियमों के तहत भी आरोपी पर लागू होंगे।

     

     

    अदालत ने कहा कि जीएसटी और सीमा शुल्क अधिनियमों के तहत संभावित गिरफ्तारी का सामना करने वाले व्यक्ति प्राथमिकी दर्ज होने से पहले भी अग्रिम जमानत का अनुरोध करने के हकदार हैं।

    विस्तृत फैसले का इंतजार है। इस मामले में मुख्य याचिका राधिका अग्रवाल ने 2018 में दायर की थी।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleउप्र : महाकुंभ के सकुशल समापन पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने गंगा पूजन किया
    Next Article महाकुंभ के दौरान 16,000 से अधिक ट्रेनों का संचालन हुआ: रेल मंत्री

    Related Posts

    नई एजेंसी ने बिना कारण बताए 100 से ज्यादा सिक्योरिटी गार्ड्स को निकाला विधायक सरयू राय से मिले सिक्योरिटी गार्ड्स

    June 7, 2026

    “मोदी सरकार आमदनी नहीं बढ़ा रही, बल्कि महंगाई थोप रही है- जनता अब इस आर्थिक अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाए।” – परविंदर सिंह

    June 7, 2026

    श्रमिक अधिकारों को लेकर मजदूरों का विरोध

    June 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    नई एजेंसी ने बिना कारण बताए 100 से ज्यादा सिक्योरिटी गार्ड्स को निकाला विधायक सरयू राय से मिले सिक्योरिटी गार्ड्स

    “मोदी सरकार आमदनी नहीं बढ़ा रही, बल्कि महंगाई थोप रही है- जनता अब इस आर्थिक अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाए।” – परविंदर सिंह

    श्रमिक अधिकारों को लेकर मजदूरों का विरोध

    जिला अध्यक्ष के द्वारा सभी इकाइयों में प्रभारियों की नियुक्ति की गई

    नवनियुक्त प्रदेश व जिला कांग्रेस पदाधिकारियों का स्वागत 

    भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी की जिला कार्यकारिणी की बैठक संपन्न, कई आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को मिली मंजूरी

    जागो संगठन एवं जागो यूवा विंग कि ओर से समाज के गरीब एवं होनहार बच्चों को प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का आयोजन कर सम्मानित किया गया 

    गोहलामुड़ा स्थित ग्लोबल स्प्रिट लिमिटेड द्वारा CSR कार्यों की उपेक्षा से ग्रामीणों में रोष।

    भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी की जिला कार्यकारिणी की बैठक संपन्न, कई आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को मिली मंजूरी

    लंबित भुगतान को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.