सिविल सर्जन पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्षता में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम आयोजित
राष्ट्र संवाद संवाददाता
सिविल सर्जन पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्षता में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत *workshop on effective enforcement of tobacco control law & implementation of ToFEI Guideline* के उपर एक एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजन किया गया जिसमें सभी प्रखण्ड के तीन – तीन सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने भाग लिए। सिविल सर्जन डॉक्टर जुझार मांझी ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी कार्यक्रमों के जानकारी दी उन्होंने बताया तंबाकू नियंत्रण एक महत्वपूर्ण का कार्यक्रम है जो हम सबको मिलकर काम करना होगा और आने वाले भविष्य को नशा मुक्त बनाना होगा। जिला नोडल पदाधिकारी NTCP डॉ मृत्युंजय धाउरिया ने बताया की 13 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को मुख्य रूप से तंबाकू कंपनी अपना कस्टमर बनाना चाहती है ताकि लंबे समय तक उनकी खरीदारी होती रहे, उन्होंने बताया कि स्कूल की मुख्य द्वार से 100 गज की दूरी तक किसी भी दुकानों में तंबाकू की बिक्री नहीं की जा सकती है क्योंकि अक्सर बच्चों की नजर पढ़ने से माइंड डाइवर्ट होने की समस्या अधिक बनी रहती है, साथ ही राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को विस्तृत रूप से जानकारी दिए तथा जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया उन्होंने यह भी बताया कि NRT की दवाई सभी प्रखंड स्तरीय दंत चिकित्सालय में उपलब्ध करा दिया गया है जो भी बच्चे या व्यक्ति छोड़ना चाहते हैं वहां संपर्क जरूर करें।, प्रशिक्षक डॉ दीपक कुमार गिरी द्वारा तंबाकू में पाए जाने वाले 4000 जहरीले तत्वों के बारे में बताएं कि हमारे शरीर के अंदर कैसे हमारे शरीर को खोखला कर तरह तरह के रोग पैदा करते हैं। तंबाकू उपयोग होने से मानसिक स्थिति एवं मानसिक रोगी समस्याओं से अवगत कराया। वही डॉ मोहम्मद असद ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को भारत सरकार के अधिनियम कोटा 2003 के ऊपर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा की फाइन बहुत जरूरी है इससे भारत सरकार का रेवेन्यू जेनरेट करना मकसद नहीं है पर लोगों में एक भई का माहौल बना रहे। तंबाकू जनित उपयोग करने से समाज में होने वाली सामाजिक आर्थिक परेशानियों से अवगत कराया साथी उन्होंने यह भी बताया कि कि जब आप अपने कार्यस्थल पर हो तो कम से कम तंबाकू के ऊपर हर सप्ताह 10 मिनट दुष्परिणामों के ऊपर चर्चा जरूर करें इससे आसपास के लोगों को जानकारी मिलेगी और समाज को इस खतरनाक पदार्थ से ज्यादा से ज्यादा दूर रखा जा सके। कार्यक्रम में मौजूद जिला परामर्श मौसमी चटर्जी, कार्यक्रम के सोशल वर्कर कुंदन कुमार, विश्वजीत कुमार शर्मा एवं अन्य उपस्थितरहे।

