इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य की मुख्य परीक्षा में जनजातीय भाषा विषय पर पाठ्यक्रम से बाहर प्रश्न पूछे जाने के विरोध में छात्र हुए एकजुट
चाईबासा:- इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य की मुख्य परीक्षा में जनजातीय भाषा विषय पर पाठ्यक्रम से बाहर प्रश्न पूछे जाने के विरोध में छात्र एकजुट हो गए हैं, छात्रों का आरोप है कि झारखंड सरकार के कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 15जून को आयोजित हुई
परीक्षा में जनजातीय भाषा की परीक्षा में पाठ्यक्रम के बाहर से प्रश्नों को पूछा गया जो की नैतिक आधार पर सही नहीं है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि यह साफ तौर पर नजर आ रहा है कि हो जनजातीय भाषा के लोगों को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त करने से वंचित रखा जा रहा है इस बात को लेकर उन लोगों ने झारखंड सरकार के जनजातीय मंत्री दीपक बरवा को भी पत्र लिखकर
इस बात से अवगत करवाया था तो उन्होंने यह आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही इस बात को सरकार के समक्ष रखेंगे और इस समस्या का निदान किया जाएगा मगर काफी दिन होने के बाद भी अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है यदि सरकार हमारी बात नहीं मानती है तो हम धरना देने पर बाध्य

