Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नेहरू की बराबरी की, आगे कम नहीं होंगी चुनौतियां
    Breaking News Headlines मेहमान का पन्ना राजनीति राष्ट्रीय

    मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नेहरू की बराबरी की, आगे कम नहीं होंगी चुनौतियां

    News DeskBy News DeskJune 9, 2024No Comments6 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नेहरू की बराबरी की, आगे कम नहीं होंगी चुनौतियां

    कुमार राकेश

    नयी दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता और जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे ऐसे नेता बन गए हैं। बहुत कम ही लोगों ने सोचा होगा कि भाजपा का कोई नेता यह उपलब्धि हासिल कर सकेगा।

    मोदी को तीसरे कार्यकाल में जनादेश पूर्व के दो कार्यकालों की तरह नहीं मिला है। इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा अपने दम पर बहुमत हासिल करने में विफल रही। चुनाव से पूर्व भाजपा ने चार सौ पार का नारा दिया था लेकिन वह अपने गठबंधन के सहयोगियों के साथ तीन सौ के आंकड़े को भी पार नहीं कर सकी।

    इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सहित कई हिन्दी पट्टी के क्षेत्रों में भाजपा के रथ को रोकने में सफलता हासिल की। यही कारण रहा कि नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव परिणामों को मोदी की ‘नैतिक हार’ करार दिया। कांग्रेस को इस चुनाव में 99 सीटों पर सफलता मिली।

    बहरहाल, यह भाजपा की विशाल राजनीतिक उपस्थिति का ही परिणाम है कि लगातार तीसरे लोकसभा चुनाव में उसने 240 सीटें हासिल कर सबसे बड़े दल का तमगा हासिल किया।

    भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 293 सीटें जीती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे किसी भी चुनाव-पूर्व गठबंधन की सबसे बड़ी सफलता करार दिया है।

    चुनावों से मिली चुनौतियों के बावजूद, आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति 73 वर्षीय मोदी के इर्द-गिर्द ही घूमने वाली है। हालांकि, इस दौरान उन्हें गठबंधन की राजनीति के विभिन्न पहलुओं का सामना करना पड़ेगा।

    गोधरा ट्रेन अग्निकांड के बाद राज्य में हुए दंगों के साये में 2002 में गुजरात विधानसभा चुनावों में पहली बार भाजपा का नेतृत्व करने के बाद से मोदी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

    हालांकि उनके विरोधियों ने 2002 में उन्हें राजनीतिक रूप से खारिज कर दिया था, लेकिन वह अपनी पार्टी के लिए हिंदुत्व और विकास का विजयी मिश्रण बनकर ताकत के साथ उभरते चले गए।

    मोदी ने 2002, 2007 और 2012 में गुजरात में पार्टी का नेतृत्व किया और सत्ता में पहुंचाया और इसके बाद 2014 और 2019 में केंद्र में अपनी पार्टी को जीत दिलाने और सत्ता तक पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। हालांकि इस बार भाजपा की जीत सबसे अलग है क्योंकि वह अपने दम पर बहुमत लाने में विफल रही।

    साल 2014 में पहली बार पदभार संभालने के बाद मोदी को पहली बार इस दफे एक मजबूत विपक्ष का सामना करना पड़ा है। आलोचकों ने कई राज्यों में भाजपा को हुए चुनावी नुकसान के बाद उनकी क्षमता पर भी सवाल उठाए हैं। खासकर, उत्तर प्रदेश में भाजपा के खराब प्रदर्शन के कारण। लोकसभा में सबसे अधिक अस्सी सांसदों को भेजने वाले इस राज्य में सपा-कांग्रेस के गठबंधन ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को पीछे छोड़ दिया।

    भाजपा के संगठन में डेढ़ दशक से अधिक के कार्यकाल के दौरान राजनीति की अनिश्चितताओं को देखने वाले मोदी ने इस चुनाव के परिणामों का विश्लेषण करने में अडिग विश्वास की एक तस्वीर प्रस्तुत की है। देश के कुछ हिस्सों में विपक्ष की आश्चर्यजनक सफलताओं को उन्होंने कोई तरजीह ना देते हुए दावा किया है कि राजग ने इस चुनाव में बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि राजग जहां लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने में सफल रहा वहीं विपक्षी ‘इंडिया’ के सीटों की संख्या भाजपा की ओर से अपने बूते जीती गयी सीटों की संख्या से कम रही।

    लोकसभा चुनाव के साथ ही ओडिशा विधानसभा के भी चुनाव हुए थे जिसमें भाजपा ने भारी बहुमत हासिल किया। यह पहली बार है जब भाजपा वहां अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है। तेलंगाना में भी भाजपा सांसदों की संख्या दोगुनी हुई जबकि अब तक अछूते रहे केरल में उसने पहली बार अपना खाता खोला।

    भाजपा के नेताओं का कहना है कि ये उपलब्धियां प्रधानमंत्री मोदी की देशव्यापी अपील को रेखांकित करती हैं।

    अब जबकि मोदी विश्वस्त और अनुभवी हाथों के साथ तीसरे कार्यकाल के लिए कमान संभालने जा रहे हैं, भाजपा को उम्मीद है कि वह अपने विरोधियों को फिर से गलत साबित करेंगे और सरकार में अपनी नीतियों और हिंदुत्व, विकास और कल्याणवाद के मूल के साथ राजनीति में नए विचारों के साथ पार्टी को विस्तार देना जारी रखेंगे।

    इस बार हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों में उनकी फिर से एक परीक्षा होगी। लोकसभा चुनाव में दोनों ही राज्यों में भाजपा को झटका लगा है। दोनों राज्यों में अक्टूबर के आसपास चुनाव होने की संभावना है।

    नेहरू 1947 में स्वतंत्रता के बाद से सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले भारतीय प्रधानमंत्री रहे हैं। उनकी मृत्यु 27 मई 1964 को हुई थी और वह उस समय भी देश के प्रधानमंत्री थे। साल 1952 में हुए पहले आम चुनाव में जीत के बाद वह पहली बार प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 1957 और 1962 के आम चुनावों में भी कांग्रेस ने जीत दर्ज की और नेहरू फिर देश के प्रधानमंत्री बने।

    नेहरू की मौत के बाद गुलजारी लाल नंदा भारत के कार्यकारी प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने लालबहादुर शास्त्री की मौत के बाद फिर एक बार कार्यकारी प्रधानमंत्री के रूप में सेवाएं दी।

    इंदिरा गांधी 24 जनवरी, 1966 को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। वह भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वह मार्च 1977 तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं और 14 जनवरी 1980 को फिर से प्रधानमंत्री बनीं।

    देश में पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री होने का श्रेय मोरारजी देसाई को जाता है। वह 24 मार्च, 1977 को भारत के पहले गैर-कांग्रेस प्रधानमंत्री बने थे। मोरारजी देसाई अपना कार्यकाल पूरा किए बिना इस्तीफा देने वाले भी पहले प्रधानमंत्री थे।

    राजीव गांधी सबसे कम उम्र के भारतीय प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 40 साल की उम्र में ही प्रधानमंत्री का पद संभाला था। पी.वी. नरसिम्हा राव दक्षिण भारत से आने वाले पहले प्रधानमंत्री थे। जनता दल के नेता एच.डी. देवेगौड़ा भारत के पहले प्रधानमंत्री थे जो राज्यसभा के सदस्य थे।

    डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। मोदी ने उनका ही स्थान लिया था।

    आगे कम नहीं होंगी चुनौतियां मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नेहरू की बराबरी की
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleतीसरी बार मोदी सरकार
    Next Article मोदी कैबिनेट में हिंदूवादी नेता गिरिराज सिंह और नीतीश के करीबी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन को मिला मंत्री पद ब्रह्मर्षि विकास मंच जमशेदपुर ने दी प्रधानमंत्री को बधाई

    Related Posts

    रानीश्वर के कामती बालू घाट पर अवैध उठाव का खेल, दिनदहाड़े सक्रिय दिखे बालू माफिया

    April 26, 2026

    उपायुक्त की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर समिति की बैठक आयोजित

    April 26, 2026

    गर्मी और हीट वेव से बचाव को लेकर जिला प्रशासन की अपील

    April 26, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    रानीश्वर के कामती बालू घाट पर अवैध उठाव का खेल, दिनदहाड़े सक्रिय दिखे बालू माफिया

    उपायुक्त की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर समिति की बैठक आयोजित

    गर्मी और हीट वेव से बचाव को लेकर जिला प्रशासन की अपील

    जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए निर्देश

    पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए जिला व प्रखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित

    झारखंड विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण, प्रशिक्षु अधिकारियों को दी गई प्रशासनिक सीख

    गुर्रा नदी की जर्जर पुलिया बनी जानलेवा खतरा, 10 गांवों का संपर्क संकट में, मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

    मजदूर आंदोलन के आगे झुकी ठेका कंपनी, यूसील भाटीन माइंस में 4 दिन की हड़ताल के बाद मांगों पर बनी सहमति, ओवरटाइम दोगुना व कैंटीन शुरू करने का फैसला

    अग्रसेन भवन समिति चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न, दीपक व अमित बने सचिव-उपसचिव, नई कमेटी ने आधुनिकरण का रखा लक्ष्य

    झारखंड क्षत्रिय संघ ने दी स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह को श्रद्धांजलि

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.