Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » हरियाणा : मेवात में सांप्रदायिक दंगा, शासन-प्रशासन नकारा
    Headlines राष्ट्रीय संवाद विशेष

    हरियाणा : मेवात में सांप्रदायिक दंगा, शासन-प्रशासन नकारा

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 3, 2023No Comments5 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    हरियाणा : मेवात में सांप्रदायिक दंगा, शासन-प्रशासन नकारा

    -महेंद्र सिंह राठौड़

    हरियाणा के मेवात क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा में छह लोगों की मौत और आगजनी ने डबल इंजन सरकार की बखिया भी उधेड़ दी। राज्य की भाजपा-जजपा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और गृहमंत्री इसे अपरोक्ष तौर पर सरकार की नाकामी मान चुके हैं। वे जब दंगों को सुनियोजित साजिश बताते हैं तो यह क्यों नहीं बताते कि सरकार का खुफिया तंत्र और पुलिस नकारा साबित हुए।

    अगर दंगे अचानक किसी ठोस बात पर होते तो बात अलग लेकिन पूर्व नियोजित इतनी बड़ी साजिश और सरकार के पास कोई जानकारी तक नहीं। खुफिया विभाग हरियाणा में गृहमंत्री को नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के प्रति जवाबदेह है। मुख्यमंत्री बताएं कि मेवात क्षेत्र में इतनी बड़ी साजिश के बारे में खुफिया विभाग ने उन्हें क्या और कब और किस तरह की सूचना दी। नहीं तो तो तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए।

     

     

     

     

    नूह और मेवात के अन्य हिस्सों में दंगे होते रहे और हरियाणा पुलिस के लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों के लिए भागते दिखे। पचास से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, साइबर थाने को तहस-नहस, दर्जनों दुकानों में लूटपाट और बहुसंख्यक समुदाय को दंगाइयों के भरोसे छोड़ देने वाली राज्य सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुई। यह पहला मौका रहा जब दंगाइयों ने गोलियों चलाई जबकि पुलिस की ओर से एक भी गोली नहीं चलाई गई। यह कैसी नीति रही?

    दंगे के चार घंटे तक अतिरिक्त पुलिस बल का न पहुंचना राज्य सरकार की नाकामी था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मेवात के लोगों से सरकार की नाकामी पर क्षमा मांगनी चाहिए। यह पहला मौका नहीं जब मनोहर लाल अकुशल प्रशासक साबित हुए हैं। हरियाणा के जाट आंदोलन में भी उनकी भूमिका कुछ ऐसी ही थी। मेवात में दंगे क्यों हुए? क्या दंगों की भूमिका पहले रची जा चुकी थी? क्या इसकी तैयारी कुछ दिनों से चल रही थी ? सोशल मीडिया पर दंगों से जुडे जो वीडियो और संदेश आ रहे हैं उससे स्पष्ट है कि मुस्लिम समुदाय के लोग इस बार सबक सिखाने की तैयारी में है। इतनी बड़ी बात खुफिया तंत्र समझ नहीं पाया तो इसका क्या औचित्य है।

    राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) के अलावा डीसीपी और एसीपी स्तर र्के अधिकारियों पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए। आयुक्त और उपायुक्त भी नकारा साबित हुए हैं। दंगों में सरकारी तंत्र पूरी तरह से लाचार रहा जबकि दंगाई बेलगाम रहे। सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को जिस तरह से नुकसान पहुंचाया गया उसकी बड़ी वजह उन्हें रोकने की कहीं भी कोशिश नहीं की गई। जहां छिटपुट तौर पर पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की वहां उन्हें अपनी जान बचाकर भागने पर मजबूर होना पड़ा।

     

     

     

    दंगों में दो होमगार्ड जवानो के अलावा तीन नागरिकों की मौत और एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। गड़बड़ी विश्व हिंदू परिषद की जलाभिषेक यात्रा से हुई। यह यात्रा हर साल होती है लिहाजा इस साल भी जिला प्रशासन की अनुमति से हुई। कुछ दिन पहले कांवड़ यात्रा भी हुई लेकिन तब कुछ नहीं हुआ तो फिर अब ऐसा क्या हुआ कि दंगे हुए। इसकी एक वजह बजरंग दल से जुड़े प्रांत गौरक्षक मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर का वह भड़काऊ वीडियो है जिसमें वह यात्रा में भाग लेने की बात कहता है।

    कुछ माह पहले गौतस्करी के आरोप में नासिर और जुनैद नामक दो युवकों को वाहन में जिंदा जला दिया गया था। दोनों हरियाणा के साथ लगते भरतपुर (राजस्थान) के थे। वहां की पुलिस ने एक दर्जन लोगों पर मामला दर्ज कर रखा है। आरोपियों में मोनू मानेसर भी है लेकिन वह अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है। मेवात में मोनू के प्रति मेव समुदाय में काफी रोष है। उसके यात्रा में भाग लेने को लोगों ने चुनौती में लिया। मोनू के साथी बिट्टू बजरंगी वीडियो में आपतिजनक टिप्पणी कर रहा है। इसके बाद से ही लगने लगा था कि यात्रा के दौरान कुछ गड़बड़ी हो सकती है। मेव समुदाय के लोगों को सोशल मीडिया पर पूरी तरह से तैयार रहने के संदेश दिए गए।

    हजारों लोगों ने कुछ करने की तैयारी कर ली जबकि शासन और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। यात्रा के रास्ते में पत्थरबाजी और वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के बाद शामिल लोगों को नल्हड़ शिव मंदिर में शरण लेनी पड़ी। तीन घंटे के बाद अतिरिक्त पुलिस बल के आने के बाद उन्हें सुरक्षित निकाला जा सका। मेवात में पुलिस पर हमले कोई बड़ी बात नहीं। अवैध खनन की जांच करने गए एक डीएसपी को डंपर से कुचल दिया गया। पिछले दिनों मेवात में साइबर क्राइम का बड़ा मामला सामने आया था। तब पांच हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की विभिन्न टीमों ने छापेमारी की थी।

     

     

     

     

    दंगों में साइबर थाने को निशाना बनाने की एक वजह यह भी हो सकती है। विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री सुरेंद्र जैन कहते हैं कि शासन प्रशासन दंगों की साजिश का पता नहीं लगा सके वहीं दंगे भड़कने के बाद भी स्थिति को संभालने में भी नाकाम रहा। मोनू मानेसर यात्रा में शामिल नहीं हुआ बावजूद इसके शामिल होने की अफवाह में इतने बड़े स्तर पर बलवा हो गया। पुलिस ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन दर्जन से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी है। सौ से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। सैकड़ों लोगों की पहचान का काम चल रहा है। आने वाले दिनों में नूह और आसपास के इलाकों से 18 से 30 साल के संदिग्ध लोग गायब हो जाएंगे। नुकसान की भरपाई अब दंगाइयों से किए जाने की बात चल रही है। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब कार्रवाई होगी तो जाहिर है कई बेगुनाह भी जद में आ जाएंगे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleRSS ऑफिस की दीवार पर पेशाब करने से रोका तो दबंगों ने किया पथराव
    Next Article शिक्षा बीच में छोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति चिन्ताजनक

    Related Posts

    जादूगोड़ा के रवि राज मुर्मू का राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर, टाटा स्टील फाउंडेशन ने निभाई अहम भूमिका

    July 24, 2026

    अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत कुमार मित्तल ने डॉ. विजय कुमार अग्रवाल से की शिष्टाचार भेंट, लिया आशीर्वाद

    July 24, 2026

    जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद पर बाबूलाल मरांडी के गंभीर आरोप, एसीबी जांच और पद से हटाने की मांग

    July 24, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जादूगोड़ा के रवि राज मुर्मू का राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर, टाटा स्टील फाउंडेशन ने निभाई अहम भूमिका

    अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत कुमार मित्तल ने डॉ. विजय कुमार अग्रवाल से की शिष्टाचार भेंट, लिया आशीर्वाद

    जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद पर बाबूलाल मरांडी के गंभीर आरोप, एसीबी जांच और पद से हटाने की मांग

    तुलसी भवन की श्री हनुमान रूप सज्जा प्रतियोगिता के परिणाम घोषित, तथागत बनर्जी और बॉबी सिंह रहे प्रथम

    नीट पेपर लीक पर छात्रों के समर्थन में बोले बन्ना गुप्ता, पुलिस कार्रवाई की निंदा

    छात्रों के मुद्दे पर भाजपा का विरोध मार्च, राहुल गांधी का पुतला दहन

    नगर आयुक्त ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश

    मौसीबाड़ी से श्रीमंदिर लौटे भगवान जगन्नाथ, बहुरी यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    नीट पेपर लीक मामले को लेकर जमशेदपुर में छात्रों का प्रदर्शन, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग

    डिमना डैम हादसा: छह घंटे की मशक्कत के बाद दोनों जूनियर डॉक्टरों के शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.