Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » शोभा की वस्तु बनी आयुर्वेदिक अस्पाताल, अस्पताल में न है डाॅक्टर और न ही दवाई
    Breaking News झारखंड

    शोभा की वस्तु बनी आयुर्वेदिक अस्पाताल, अस्पताल में न है डाॅक्टर और न ही दवाई

    Nizam KhanBy Nizam KhanJuly 11, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    पुतुलबोना स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल।

    निजाम खान

    कुंडहित/ जामताड़ा:एक तरफ सरकार विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाये चला रही है।तो वही दूसरी ओर बहुत से जनकल्याणकारी योजना शोभा की वस्तु बनते देख रही है।जिसका ताजा उदाहरण जामताड़ा जिला के कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के गायपाथर पंचायत अंतर्गत बाहुल्य आदिवासी पुतुलबोना स्थित आयुर्वेदिक औषाधालय केन्द्र इन दिनों शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है।जिस पर कुंडहित प्रखंड के पंद्रह पंचायत कुंडहित सदर,आमलादही,नगरी,बाबुपुर,गड़जोड़ी,पालाजोड़ी,भेलुवा,अंबा,खजुरी,बनकाठी,बागडेहरी,सुद्राक्षीपुर,मुड़ाबेड़िया,गायपाथर और बिक्रमपुर पंचायतवासियों को उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र में आयुर्वेदिक औषाधालय रहने से लोगों को विभिन्न प्रकार की बिमारीयों से छुटकारा निजात मिलेगा।पर लोगों की यह सारी उम्मीदों पर पानी फेर गया।
    28 मई,2008 को नाला विधायक ने किया था केन्द्र का उद्घाटन:
    वर्ष 2008 के 28 मई को पुतुलबोना आयुर्वेदिक औषाधालय केन्द्र का नाला विधानसभा के स्थानीय विधायक रविन्द्रनाथ महतो ने किया था।केन्द्र के उद्घाटन से पुतुलबोना,मेघरायपाड़ा,दलचक,कालीपाथर,बुड़ारडीह,नवडीहा,काकड़ाशोला,चंदनभीटा सहित आदि गांवों के लोगों में खुशी का ठीकाना नही रह गया था।लोगों का मानना था कि जिला के सबसे अंतिम पायदान पर आयुर्वेदिक आस्पाताल का निर्माण हुआ है।अब लोगों को 60 किमी आसनसोल,80 किमी बर्धमान पश्चिम बंगाल के आस्पाल को जाना नही पड़ेगा।पर सभी उम्मीद लोगों की जस की तस धरी रह गयी।
    केन्द्र भी हुआ जर्जर:
    दस साल बीता ही नही कि केन्द्र का दरवाजा,खिड़की जर्जर हो गया।भवन में न तो कोई चिकित्सक बैठते है और ना ही किसी प्रकार की दवाई मिलती है।पूरा भवन खुला पड़ा हुआ है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleप्रशासन ने अतिक्रमण किया गया जमीन को कराया मुक्त
    Next Article पेड़ गिरने से महेशपुर में कई घंटे बिजली आपूर्ति रही ठप

    Related Posts

    नवी मुंबई में रिश्ता तोड़ा तो पिस्टल निकाली…

    November 7, 2026

    त्योहारों की रौनक के साथ सुरक्षा, स्वच्छता और सद्भाव की भी हो गारंटी

    November 7, 2026

    दीपावली बने विकसित एवं समृद्ध भारत की नई ज्योति

    November 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    McLuck Casino Review: Features, Games, and the Player Experience

    नवी मुंबई में रिश्ता तोड़ा तो पिस्टल निकाली…

    त्योहारों की रौनक के साथ सुरक्षा, स्वच्छता और सद्भाव की भी हो गारंटी

    चेहरे पर आग के निशान, लेकिन हौसला फौलादी! दीपिका के स्टंट करने वाली इस लड़की को पहचानना हुआ मुश्किल

    दीपावली बने विकसित एवं समृद्ध भारत की नई ज्योति

    बाइक चोरी के शक में विक्षिप्त की पिटाई, पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया

    धनतेरस पर बहरागोड़ा के बाजारों में उमड़ी भीड़, वाहनों की खरीदारी में भी उत्साह

    विजय-2 लौह अयस्क खदान फिर खोलने की मांग, ग्रामीणों को रोजगार देने पर जोर

    पांच दिन से अंधेरे में डूबे धानघोरी गांव में 24 घंटे में लगा नया ट्रांसफॉर्मर

    महिला सुरक्षाकर्मी से सहकर्मी गार्ड ने किया दुर्व्यवहार, थाने में प्राथमिकी दर्ज

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.