Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » असम में अब तक का सबसे बड़ा धर्म परिवर्तन, 100 से अधिक ईसाई परिवार हिंदू धर्म में वापस लौटे
    Breaking News Headlines

    असम में अब तक का सबसे बड़ा धर्म परिवर्तन, 100 से अधिक ईसाई परिवार हिंदू धर्म में वापस लौटे

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 28, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    नई दिल्ली. असम में अब तक का सबसे बड़ा धर्मांतरण देखने को मिला है. 100 से ज्यादा ईसाई परिवार हिंदू धर्म में लौट आए हैं. राज्य में इसे अब तक की सबसे बड़ी घर वापसी माना जा रहा है. असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार हिंदू परिवारों की घर वापसी को लेकर लगातार चर्चाओं में बनी हुई है.

     

     

    रिपोर्ट के मुताबिक, 27 फरवरी को असम के जागीरोड में तिवा शॉन्ग गांव में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में ईसाई परिवारों की हिंदू धर्म में वापसी हुई है. राज परिषद के महासचिव जुर सिंह बोरदोलाई ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि मूल रूप से तिवा जनजाति के लगभग 1100 परिवार जो पहले ईसाई धर्म अपना लिए थे, उन्होंने अब सनातन धर्म में लौटने का फैसला किया है.

     

    उन्होंने आगे कहा सभी लोगों ने परिषद का सहयोग किया है. हिंदू धर्म को अपनाया है और हिंदू धर्म के साथ रहने का वादा किया है. ये लोग अब एक बार फिर से अपनी पुरानी पहंचान में लौट रहे हैं. ईसाई धर्म को छोड़कर तिवा संस्कृति और परंपरा में लौट रहे हैं. परिषद के महासचिव ने दावा किया कि जिन तिवा समुदाय के लोगों ने हिंदू धर्म को अपनाने का फैसला किया है, वे जन्म से हिंदू थे.

     

    हालांकि, उनके कुछ पूर्वजों और माता-पिता ने अपनी आर्थिक हालत और शिक्षा की कमी के कारण ईसाई धर्म अपना लिया था. उन्होंने कहा कि हम लोग ऐसे परिवारों का सहयोग करेंगे ताकि वे अपनी आजीविका कमा सकें और उन्हें खेती जैसे ट्रेनिंग प्रोग्राम में भी शामिल कर सकें. राज्य सरकार की ओर से भी बहुत सारी मदद मिल रही है. तिवा काउंसिल की ओर से स्कूल का निर्माण का निर्माण किा गया है ताकि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleअमेरिकी रिपोर्ट में पीएम मोदी की अगुवाई में देश से आतंकवादियों को उखाड़ फेंकने की कार्रवाई की सराहना
    Next Article सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय को लगाई फटकार, कहा- कानून अपने हाथ में मत लीजिए

    Related Posts

    छात्र तनवीर की मौत ने फिर उठाया सवाल, चैकडैम और नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजाम कब?

    August 7, 2026

    सूचना आयोग में लंबित 25 हजार मामलों पर विधानसभा में आवाज उठाएं विधायक : रश्मि भेंगरा

    August 7, 2026

    लोकसभा में गूंजी चिरिया खदान की आवाज

    August 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    छात्र तनवीर की मौत ने फिर उठाया सवाल, चैकडैम और नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजाम कब?

    सूचना आयोग में लंबित 25 हजार मामलों पर विधानसभा में आवाज उठाएं विधायक : रश्मि भेंगरा

    लोकसभा में गूंजी चिरिया खदान की आवाज

    उदयपुर से दलमा तक पुलिस का ऑपरेशन, कई गिरफ्तार, एके 47, इंसास, पिस्टल और 361 कारतूस बरामद

    औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा पर एसिया की चिंता, एसपी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा

    9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर गोपाल मैदान में विशाल जन सभा

    अतिवृष्टि से हल्दीपोखर में मकान ध्वस्त पीड़ित परिवारों के लिए मुआवज़े की मांग

    झारखण्ड साहित्य संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित साहित्य प्रतियोगिता का परिणाम घोषित

    जादूगोड़ा की पंचायत योजनाओं में फर्जीवाड़े का आरोप, ग्राम प्रधान के नाम पर नकली पत्र बनाकर योजनाएं स्वीकृत कराने की शिकायत

    3 करोड़ का धमकुडिया भवन पहली ही बरसात में जर्जर, दरारें और सीपेज से श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर संकट

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.