ड्रग माफिया का सपना चकनाचूर! नालासोपारा से तेलंगाना तक फैला नेटवर्क ध्वस्त, 70 किलो MD ड्रग्स जब्त!
इंद्र यादव/मुंबई! मीरा-भायंदर, वसई-विरार क्राइम डिटेक्शन ब्रांच यूनिट-4 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ड्रग माफिया कितना भी दूर भाग ले, पुलिस का हाथ लंबा ही होता है। 21 अक्टूबर को तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पाशमैलाराम में एमडी ड्रग्स बनाने वाले केमिकल की अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर पुलिस ने पूरा कारखाना ध्वस्त कर दिया। 44.699 किलो केमिकल जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 27 लाख 6 हजार रुपये बैठती है। साथ में और भी रसायन और लैब के उपकरण जब्त किए गए। आरोपी रमेश बाबू साके को हिरासत में ले लिया गया।
ये कार्रवाई कोई अचानक नहीं हुई। नालासोपारा में अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) के पास से महज 112 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई थी। छोटी सी लूट समझकर हल्के में लेने वाले लोग गलत थे। उसी छोटे से केस ने पूरी चेन खोल दी। पुलिस ने गुजरात और उत्तर प्रदेश में भी अवैध ड्रग फैक्ट्रियां ध्वस्त कीं। अब तक कुल 69.871 किलो एमडी ड्रग्स और 260 लीटर केमिकल समेत पूरा सामान जब्त हो चुका है। यानी नालासोपारा का छोटा सा केस अब बड़े नेटवर्क का रूप ले चुका है।
मामले में अब तक 25 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें मुर्तुजा पत्रावाला उर्फ मॉन्टो, शुभम विनोद मोरे, सलीम उर्फ इस्माईल डोला, साबिर देवळेकर उर्फ किंग मेमन और मोहम्मद तेहरीम सिद्दीकी शामिल हैं। नाम सुनकर लगता है जैसे कोई ड्रग माफिया की हॉलीवुड फिल्म चल रही हो। “किंग मेमन” और “मॉन्टो” जैसे नाम रखकर ये लोग सोचते होंगे कि पुलिस डर जाएगी। लेकिन पुलिस ने इनके नाम के साथ-साथ इनकी फैक्टरियां भी जब्त कर लीं।
कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे, डीसीपी (अपराध) संदीप डोईफोडे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन पाटील के मार्गदर्शन में हुई। टीम का नेतृत्व प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रमोद बडाख ने किया। प्रवीण भोसले, दत्तात्रय सरक, उमेश भागवत और साइबर सेल के संतोष चव्हाण समेत पूरी टीम ने मिलकर ये ऑपरेशन अंजाम दिया।
ड्रग माफिया की सोच देखो – मुंबई-नालासोपारा में सप्लाई, फैक्ट्री तेलंगाना में छिपा दो, केमिकल दूर-दूर से मंगाओ… लग रहा था जैसे कोई स्मार्ट प्लान बना रखा हो। लेकिन पुलिस ने साइबर ट्रेल से लेकर सप्लाई चेन तक सब उधेड़ दिया। नतीजा? फैक्ट्री ध्वस्त, केमिकल जब्त, आरोपी हिरासत में। अब इन “किंग” और “मॉन्टो” जैसे लोगों को जेल में ही अपना साम्राज्य चलाना पड़ेगा।
पुलिस का ये प्रहार साफ संदेश देता है – एमडी ड्रग्स का नेटवर्क चलाना अब पहले जितना आसान नहीं रहा। नालासोपारा से शुरू हुई जांच अब तीन राज्यों तक फैल चुकी है और अभी और गिरफ्तारियां होने वाली हैं। ड्रग माफिया के लिए ये सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि उनकी पूरी व्यवस्था पर चोट है।

