गम्हरिया में 500 महिलाओं को मिला साक्षरता प्रमाणपत्र, टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा संचालित फंक्शनल लिटरेसी प्रोग्राम के अंतर्गत चार माह का प्रशिक्षण पूरा करने वाली 500 महिलाओं को टायो जाहेरगाढ़ हॉल में आयोजित समारोह में प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गम्हरिया तथा आसपास के पंचायत क्षेत्रों की महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं को साक्षर बनाना, उन्हें वित्तीय रूप से जागरूक करना तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पढ़ना-लिखना, बैंकिंग की मूलभूत जानकारी, बचत की आदत और सरकारी योजनाओं के लाभ उठाने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार (ईएस एंड सीआर, टीएसजी, टीजीएस) ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान दिलाती है। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि “इल्म की रौशनी जब दिलों में उतर जाती है, ज़िंदगी की हर स्याह रात सँवर जाती है। जिस घर की माँ के हाथों में किताबें होती हैं, उस घर की हर तक़दीर निखर जाती है। जहां इल्म की शमा जलती है, वहां अंधेरा टिकता नहीं और जहां मां मुस्कुरा दे, वहां मुक़द्दर झुकता नहीं।”
मुख्य अतिथि सरायकेला के अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनके माता-पिता ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप वे अपने शहर के पहले आईएएस अधिकारी बने।
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारी सत्यनारायण नन्दा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमज़ोर समुदायों की महिलाओं को सशक्त बनाना है ताकि वे अपने परिवार और बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
मौके पर टीजीएस के जीएम शरद शर्मा, हेड सीएसआई (पिलेट प्लांट) रविन्द्रन ठाकुर, एरिया मैनेजर ईएस एंड सीआर महेन्द्र सिंह सहित रापचा, बुरुडीह और छोटा गम्हरिया पंचायतों के मुखिया भी उपस्थित थे।

