जादूगोड़ा सीटीसी में 262 मजदूर काम से बाहर, जवान महंगाई से परेशान, ग्रामीणों में आक्रोश
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा – साँसपुर स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर (सीटीसी) में जनवरी माह से 262 मजदूरों को काम से हटा दिए जाने से उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि पूर्व मंत्री स्व. रामदास सोरेन ने रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके निधन के बाद मजदूरों में निराशा और अनिश्चितता बढ़ गई है।

स्थानीयों का आरोप – रोजगार और व्यापार से वंचित
ग्रामीणों ने सीटीसी प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दे रहा और बाहरी सप्लायर्स से सब्जी व राशन की आपूर्ति करवा रहा है। इससे स्थानीय दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने पहले स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने का वादा किया था, लेकिन अब वादा खिलाफी कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

350 जवानों पर महंगाई का बोझ सीटीसी में प्रशिक्षण ले रहे 350 जवानों ने भी महंगे दामों पर सामान बेचे जाने की शिकायत की है। ₹1300 में मिलने वाला चावल यहाँ ₹1500 में बेचा जा रहा है। ₹100 प्रति किलो की अरहर दाल ₹120 में दी जा रही है। अन्य दालों पर ₹20-₹30 प्रति किलो अतिरिक्त वसूली हो रही है। खाद्य तेल और आटा पर भी बाहर की तुलना में ₹200-₹300 अधिक वसूला जा रहा है।

जवानों का कहना है कि प्रशासन की सख्त हिदायत है कि सामान केवल अंदर के दुकानदारों से ही खरीदा जाए, जिससे वे मजबूरी में महंगे दाम चुकाने पर विवश हैं। स्थानीय दुकानदारों की मांग स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि यदि उन्हें सीटीसी में सामान सप्लाई करने की अनुमति दी जाए तो उचित दाम पर सामान उपलब्ध कराया जा सकेगा, स्थानीयों को रोजगार मिलेगा, और आसपास के इलाकों में खुशहाली लौटेगी।

ग्रामीणों और दुकानदारों ने सीटीसी प्रशासन व दुकानदारों की मिलीभगत से महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


