मृत शिक्षिका से विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण, 24 घंटे में जवाब देने का निर्देश
सेवाकालीन प्रशिक्षण में योगदान नहीं करने का लगाया आरोप, 9 सितंबर को हो चुका है निधन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
राजेश कुमार,खोदावंदपुर/बेगूसराय। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. विभाग ने सेवाकालीन प्रशिक्षण में योगदान नहीं करने के आरोप में एक ऐसी शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा है, जिनका निधन करीब दो सप्ताह पहले ही हो चुका है. इतना ही नहीं, विभागीय पत्र में संबंधित शिक्षिका से पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब देने का निर्देश दिया गया है.
मामला खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र दौलतपुर पंचायत अंतर्गत राजकीयकृत मध्य विद्यालय बेगमपुर से जुड़ा है. विद्यालय की दिवंगत शिक्षिका सह तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापिका पंचमुखी कुमारी से वित्तीय वर्ष 2026-27 में आयोजित सेवाकालीन प्रशिक्षण में योगदान नहीं करने के आरोप में स्पष्टीकरण मांगा गया है. पंचमुखी कुमारी का निधन 9 सितंबर 2026 को इलाज के दौरान हो गया था. मिली जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, बेगूसराय के पत्रांक टीई- 2151, दिनांक- 22 सितंबर 2026 के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा सह सर्व शिक्षा अभियान द्वारा उक्त शिक्षिका के नाम स्पष्टीकरण पत्र जारी किया गया है. पत्र में सेवाकालीन प्रशिक्षण में निर्धारित तिथि पर योगदान नहीं करने को लेकर उनसे जवाब मांगा गया है.
विभागीय पत्र में प्राचार्य डायट बेगूसराय के पत्रांक- 618 एवं 619, दोनों दिनांक- 15 सितंबर 2026 तथा प्राचार्य पीटीईसी विष्णुपुर के पत्रांक- 977, दिनांक- 16 सितंबर 2026 का हवाला देते हुए सेवाकालीन प्रशिक्षण आयोजित किए जाने की बात कही गई है. पत्र के माध्यम से संबंधित शिक्षिका से प्रशिक्षण में योगदान नहीं करने के कारणों का स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा 24 घंटे के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया गया है. बताया जाता है कि पंचमुखी कुमारी लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थी. उन्होंने मेडिकल अवकाश लिया था और दरभंगा स्थित एक निजी क्लिनिक में अपना इलाज करा रही थी. इलाज के दौरान 9 सितंबर को उनका निधन हो गया. वह मध्य विद्यालय बेगमपुर में प्रभारी एच एम के पद पर भी कार्यरत थी.
सूची के आधार पर हुई चूक: बीईओ
इस संबंध में खोदावंदपुर के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि सेवाकालीन प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं की सूची विभाग को पूर्व में ही भेजी गई थी. उसी सूची के आधार पर स्पष्टीकरण पत्र निर्गत हुआ है. इसी प्रक्रिया में दिवंगत शिक्षिका का नाम भी सूची में रह जाने के कारण यह त्रुटि सामने आई है.

