
नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के महात्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान के लैंडर विक्रम का मलबा आखिरकार ढूंढ लिया गया है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लूनर रिकनैसैंस ऑर्बिटर ने चांद की सतह पर विक्रम लैंडर का मलबा तलाशा. नासा ने विक्रम का मलबा ढूंढने का क्रेडिट चेन्नई के एक मैकेनिकल इंजीनियर शनमुगा सुब्रमण्यन को दिया है. बता दें कि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का मलबा क्रैश साइट से 750 मीटर दूर तीन टुकड़ों में मिला है.नासा ने अपने बयान में कहा, 26 सितंबर को क्रैश साइट की एक तस्वीर जारी की गई थी और विक्रम लैंडर के सिग्नल्स की खोज करने के लिए लोगों को बुलाया गया था. नासा ने आगे बताया, चेन्नई के 33 वर्षीय मैकेनिकल इंजीनियर शनमुगा सुब्रमण्यन ही पहले वो शख्स हैं, जिन्होंने मलबे की पहचान की. नासा ने आगे कहा, शनमुगा सुब्रमण्यन ने ही हमारे प्रोजेक्ट से संपर्क किया. उन्होंने मुख्य क्रैश साइट के उत्तर-पश्चिम में लगभग 750 मीटर की दूरी पर स्थित मलबे की पहचान की थी. यह पहले मोजेक (1.3 मीटर पिक्सल, 84 डिग्री घटना कोण) में एक एकल उज्ज्वल पिक्सल पहचान थी.शनमुगा सुब्रमण्यन उर्फ शान ने बताया, नासा ने 14 -15 अक्टूबर और 11 नवंबर को 2 तस्वीरें जारी की थीं. मैं अपने दोनों लैपटॉप पर 2 तस्वीरों की साइड-बाई-साइड तुलना कर रहा था… एक तरफ विक्रम लैंडर की पुरानी तस्वीर थी, दूसरी ओर नई फोटो थी, जो नासा ने जारी की थी. मुझे ट्विटर और रेडिट यूजर्स से काफी मदद मिली.

