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    Home » रांची सदर अनुमंडल क्षेत्र में मतगणना होने तक  धारा-144 लागू कर दी गयी है
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    रांची सदर अनुमंडल क्षेत्र में मतगणना होने तक  धारा-144 लागू कर दी गयी है

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 19, 2019No Comments3 Mins Read
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    रांची : लोकसभा चुनाव को देखते हुए व आदर्श आचार संहिता लागू होने पर पूरे रांची सदर अनुमंडल क्षेत्र में मतगणना होने तक शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए धारा-144 लागू कर दी गयी है.
    इस दौरान रांची सदर अनुमंडल क्षेत्र में किसी प्रकार के घातक हथियार, अग्नेयास्त्र या विस्फोटक पदार्थ लाने एवं ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है. यह निषेधाज्ञा सरकारी पदाधिकारी, कर्मचारी, पुलिस पदाधिकारी एवं कर्तव्य पर तैनात पुलिस बल पर, नेपालियों द्वारा खुखरी धारण तथा सिखों द्वारा कृपाण रखने पर लागू नहीं होगा.
    सदर एसडीअो गरिमा सिंह के अनुसार अनुमंडल क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा. बिना उनकी अनुमति के डीजे, साउंड बॉक्स, लाउडस्पीकर सामान्य से तेज आवाज में बजाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है. निर्देश का पालन नहीं करते हुए पकड़े जानेवालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी. यह शर्त मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या धार्मिक स्थलों पर लागू नहीं होगी. आवासीय क्षेत्र में 55 डेसीबल व व्यावसायिक क्षेत्रों में 65 डेसीबल तक की ध्वनि का उपयोग चुनावी कार्यक्रम के दौरान की जा सकेगी.
    सरकारी-अर्द्धसरकारी संस्थानों व पूजा स्थलों में प्रचार की मनाही : सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं स्थानीय संकायों जैसे कॉलेज, हाइस्कूल, प्राथमिक, मध्य एवं बुनियादी विद्यालयों एवं किसी भी आम भूमि पर किसी प्रकार की आमसभा का आयोजन करने तथा पूरे अनुमंडल क्षेत्र में जुलूस निकालने पर मनाही की गयी है.
    यह निषेधाज्ञा शव-यात्रा, शादी विवाह, मांगलिक कार्य पर लागू नहीं होगा. इसके उपयोग के लिए सदर एसडीअो की अनुमति जरूरी होगी. मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा या अन्य पूजा स्थल पर से निर्वाचन प्रचार प्रतिबंधित किया गया है.
    सार्वजनिक, सरकारी व व्यक्तिगत संपत्ति का प्रचार के लिए उपयोग प्रतिबंधित : किसी सार्वजनिक, सरकारी संपत्ति या किसी व्यक्तिगत संपत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर पंपलेट साटना, झंडा टांगना, सार्वजनिक सड़कों पर बैनर लगाना, होर्डिंग लगाना, तोरण द्वारा लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. किसी भी उम्मीदवार को ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जिससे किसी धर्म, संप्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुंचे. उनमें विद्वेष या तनाव पैदा न हो. मत प्राप्त करने के लिए धार्मिक, सांप्रदायिक या जातीय भावनाओं का सहारा नहीं लिया जायेगा.
    किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन की आलोचना नहीं करनी है : किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन के ऐसे पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी है, जिनका संबंध उसके सार्वजनिक जीवन या क्रियाकलापों से न हो.
    न ही ऐसे आरोप लगाना है, जिसकी सत्यता न हुई हो. किसी उम्मीदवार की आलोचना उसके पूर्व कार्य तक ही सीमित रहनी है तथा आलोचना असत्यापित आरोपों पर आधारित नहीं की जानी है. किसी व्यक्ति के कार्यों या विचारों का विरोध करने के लिए किसी उम्मीदवार द्वारा ऐसे व्यक्ति के घर के सामने धरना देने, नारेबाजी करने या प्रदर्शन करने की कार्रवाई का कतई समर्थन नहीं किया जायेगा.
    प्रचार सामग्री में मुद्रक का विवरण लिखना जरूरी होगा : चुनाव के दौरान कोई पोस्टर, इस्तेहार, पंपलेट या परिपत्र निकालना, जिसमें मुद्रक और प्रकाशक का नाम और पता न हो, धारा-127 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन माना जायेगा.
    किसी उम्मीदवार के निर्वाचन की संभावना पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के उद्देश्य से उसके व्यक्तिगत आचरण और चरित्र या उम्मीदवारी के संबंध में ऐसे कथन या समाचार का प्रकाशन करना, जो गलत हो या जिसके सत्य होने का विश्वास न हो, की मनाही रहेगी.

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