लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के पूर्वी सिंहभूम जिला के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र मानगो में अपराध और नशीले पदार्थों की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। शहर के इस घने आबादी वाले इलाके में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस ने एक विशेष पहल की है। इसी सिलसिले में पुलिस और स्थानीय जनता के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए एक विशेष बैठक बुलाई गई, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
जमशेदपुर के मानगो थाना परिसर में अपराध और नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से शांति समिति एवं पुलिस समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, आपराधिक गतिविधियों और नशे के कारोबार को लेकर अपने सुझाव दिए। सहायक पुलिस अधीक्षक ऋषभ त्रिवेदी ने कहा कि लोगों से मिली सूचनाओं के आधार पर अपराधियों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से पुलिस का सहयोग करने की अपील भी की।
मानगो में अपराध को रोकने के लिए पुलिस की नई रणनीति
बैठक के दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) ऋषभ त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय युवाओं में बढ़ती नशे की लत और इसके कारण होने वाले छोटे-मोटे अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नशे का कारोबार ही क्षेत्र में अपराध की बड़ी वजह है, और इस पर प्रहार करके ही शांति स्थापित की जा सकती है। अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए पुलिस अब खुफिया तंत्र को और मजबूत कर रही है।
बैठक में उपस्थित स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस प्रशासन को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने मांग की कि मानगो के संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और रात के समय संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए। इसके साथ ही, स्थानीय सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने और नए कैमरे लगाने पर भी चर्चा हुई ताकि हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
नशे के खिलाफ जन-जागरूकता और सामाजिक सहयोग
शांति समिति के सदस्यों ने कहा कि केवल पुलिस बल के दम पर अपराध मुक्त समाज का निर्माण संभव नहीं है। इसके लिए सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों और उनकी संगति पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि वे किसी भी प्रकार के अवैध गतिविधियों में शामिल न हो सकें।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में मानगो के विभिन्न मोहल्लों में नशामुक्ति और अपराध नियंत्रण को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि गुप्त सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। इससे लोगों में सुरक्षा का भाव जगेगा और वे बेझिझक पुलिस को नशे के सौदागरों और अपराधियों के बारे में जानकारी दे सकेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश
बैठक के अंत में मानगो थाना के प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए। अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड को खंगालने और हाल ही में जेल से बाहर आए संदिग्धों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, क्षेत्र में देर रात तक खुले रहने वाले ठिकानों और संदिग्ध अड्डों पर औचक छापेमारी करने की योजना बनाई गई है।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय:
- संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाना: मानगो के उन इलाकों की पहचान की गई है जहां रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, वहां गश्त तेज की जाएगी।
- सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार: चौक-चौराहों पर लगे खराब कैमरों को तुरंत ठीक किया जाएगा और नए रणनीतिक स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे।
- नशामुक्ति अभियान: स्कूलों और कॉलेजों के आस-पास विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाया जा सके।
- सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर: पुलिस और आम जनता के बीच संवादहीनता को खत्म करने के लिए नियमित अंतराल पर वार्ड स्तर पर बैठकें होंगी।
यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़कों पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए भी अभियान तेज किया जाएगा। इस समन्वय बैठक से यह साफ है कि आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन मानगो क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित और नशामुक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चलाने जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस के इस कदम की सराहना की है और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया है।

