Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बिहार के 70 साल के लौंगी भुईयां ने पहाड़ काटकर बना दी तीन किलोमीटर लंबी नहर
    Headlines संवाद विशेष

    बिहार के 70 साल के लौंगी भुईयां ने पहाड़ काटकर बना दी तीन किलोमीटर लंबी नहर

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 14, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    पटना. बिहार के माउंटेनमैन दशरथ मांझी का नाम हर किसी ने सुना है, जिन्होंने एक हथौड़ा और छैनी से अकेले ही 360 फीट लंबे, 30 फीट चौड़ी और 25 फीट ऊंचे पहाड़ को काट कर 22 सालों की कड़ी मेहनत के बाद सड़क बना डाली थी. ठीक इसी तरह का एक और मामला बिहार से ही सामने आया है.

    बिहार के गया से ही एक और माउंटेनमैन लौंगी भुईयां का नाम सुर्खियों में है. पहले गया जिले के ही दशरथ मांझी ने पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था, अब लौंगी भुईयां ने 30 साल तक कड़ी मेहनत करके पहाड़ काटकर तीन किलोमीटर लंबी नहर बना डाली है.

    दशरथ मांझी की तरह ही जब लौंगी भुईयां को गांव के लोगों की परेशानी नहीं देखी गई तो उन्होंने खेती के पानी के लिए नहर बनाने के लिए 30 साल अथक प्रयास किया. 70 साल के लौंगी भुईयां गया के लथुआ के रहने वाले हैं. उन्होंने लथुआ में कोथीलवा में तीन किलोमीटर लंबी नहर बनाई है. लौंगी भुईयां कहते हैं कि पहाड़ के रास्ते गांव के तालाब में पानी लाने के लिए उन्होंने 30 साल तक नहर की खुदाई की. वह कहते हैं कि इस काम में उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति ने मदद नहीं की.

    लौंगी भुईयां कहते हैं कि ज्यादातर ग्रामीण रोजगार के लिए पलायन कर रहे थे, लेकिन उन्होंने यही रहना का फैसला किया. कोथीलवा इलाका पूरी तरह जंगल और पहाड़ से घिरा हुआ है. यह गया जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर है. यहां के आजीविका के लिए खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं. बारिश के मौसम में पहाड़ों से गिरने वाला पानी नदी में बह जाता था. लौंगी भुईयां ने यह देखकर नहर बनाने के लिए सोचा. वह हर रोज घर से निकलकर जंगल पहुंच जाया करते थे और अकेले नहर बनाया करते थे.

    स्थानीय निवासी पट्टी मांझी ने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से अकेले ही नहर खोद रहे थे. इससे बड़ी संख्या में जानवरों को फायदा होगा और खेतों की सिंचाई भी होगी. वह इसे अपने फायदे के लिए नहीं बल्कि पूरे इलाके के लिए कर रहे हैं. गया के रहने वाले शिक्षक राम विलास सिंह ने ग्रामीणों और उनके खेतों को लाभ पहुंचाने के लिए भुइयां की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि यहां बहुत सारे लोगों को फायदा होगा. लोग अब उनके काम के कारण उन्हें जानने लगे हैं.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबैंकों ने एमएसएमई के लिये मंजूर किये 1.63 लाख करोड़ रुपये के लोन
    Next Article 17 को रक्तदान शिविर के साथ 20 को प्रत्येक मंडल में महा आरती करेंगे युवा कार्यकर्ता: राजा

    Related Posts

    जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में घुसा पानी; बाढ़ का खतरा

    August 14, 2026

    सरायकेला परेड का अंतिम पूर्वाभ्यास पूरा

    August 13, 2026

    किसानों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, डीसी ने तय की जवाबदेही

    August 13, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में घुसा पानी; बाढ़ का खतरा

    सरायकेला परेड का अंतिम पूर्वाभ्यास पूरा

    किसानों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, डीसी ने तय की जवाबदेही

    जल संरक्षण की ग्रामीणों ने ली शपथ

    सरायकेला की मिट्टी से निकला राष्ट्रीय सम्मान

    ढह गया घर, बेबस हुईं दो विधवा महिलाएं

    झारखंड के हक और अधिकारों पर बड़ा हमला, संसद में विधेयक पारित होना राज्य के लिए काला दिन: संजीव सरदार

    आदित्यपुर में सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षद नीतू शर्मा ने निगम के खिलाफ खोला मोर्चा

    डीडीसी के आदेश के सात वर्ष बाद भी नाला व सड़क निर्माण नहीं, ग्रामीणों में रोष

    टाटा संस के नए चेयरमैन की तलाश शुरू

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.