Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » निर्भया गैंगरेप केस: चौथे दोषी ने मौत की सजा के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की
    Breaking News Headlines अपराध राष्ट्रीय

    निर्भया गैंगरेप केस: चौथे दोषी ने मौत की सजा के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 11, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नयी दिल्ली: राजधानी में दिसंबर, 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों में से अंतिम दोषी ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की. उच्चतम न्यायालय ने नौ जुलाई, 2018 को इस सनसनीखेज अपराध में संलिप्त चार में से तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी थीं.अभी तक पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करने वाले दोषी 31 वर्षीय अक्षय के वकील एपी सिंह ने बताया कि उसने मंगलवार को इस संबंध में याचिका दायर की है. दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात में 23 वर्षीय निर्भया से छह व्यक्तियों ने बर्बरता पूर्वक सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बुरी तरह जख्मी हालत में सड़क पर फेंक दिया था. निर्भया की 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर में माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी. शीर्ष अदालत ने इससे पहले मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि फैसले पर विचार करने का कोई आधार नहीं है.न्यायालय ने 2017 में निर्भया कांड के दोषियों को मौत की सजा देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था. उच्च न्यायालय ने इन मुजरिमों को मौत की सजा सुनाने के निचली अदालत के फैसले की पुष्टि की थी. इस वारदात में शामिल छह आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी, जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग था और उसे तीन साल की सजा पूरी करने के बाद सुधार गृह से रिहा कर दिया गया था.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleशीतलहर की चपेट में उत्तर भारत, हिमाचल में येलो अलर्ट जारी
    Next Article उन्नाव रेप केस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

    Related Posts

    चारधाम हेलीकॉप्टर हादसों पर सवालों के घेरे में यूकाडा की कार्यप्रणाली

    November 5, 2026

    दीपावली — प्रकाश का पर्व और देवी काली की आराधना

    November 5, 2026

    लोकतंत्र में बहस जरूरी, सियासी तमाशा नहीं!

    November 5, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    चारधाम हेलीकॉप्टर हादसों पर सवालों के घेरे में यूकाडा की कार्यप्रणाली

    दीपावली — प्रकाश का पर्व और देवी काली की आराधना

    लोकतंत्र में बहस जरूरी, सियासी तमाशा नहीं!

    मन की शांति में ही जीवन की सच्ची समृद्धि

    1xbet Download App Guide: Install, Register & Play Safely

    Comment installer 1xBet sur Android : ce qu’il faut savoir

    Base APK 1xBet : aperçu et options

    आज एक घंटे चलेगा ‘#DownloadECINet’ अभियान, युवाओं से भागीदारी की अपील

    मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए टू की पांचवीं बैठक, चुनावी पाठशाला भी आयोजित

    गुरुचरण महतो ‘अपवाद’ को मिलेगा मुंशी प्रेमचंद ग्लोबल समर्पण समाज गौरव अवार्ड

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.