लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता
डिमना डैम में डूबने से मौत का एक दर्दनाक मामला जमशेदपुर से सामने आया है, जहां शुक्रवार सुबह 22 वर्षीय आयुष कुमार की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई।
डिमना डैम में डूबने से मौत: घटना का पूरा विवरण
जमशेदपुर: शहर के डिमना डैम में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान सोनारी कागलनगर निवासी आयुष कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे माहौल में गम का माहौल छा गया।
मिली जानकारी के अनुसार आयुष कुमार शुक्रवार सुबह अपने छोटे भाई पीयूष के साथ डिमना डैम घूमने गया था। घूमने के दौरान दोनों भाई डैम में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान आयुष अचानक गहरे पानी की ओर चला गया और संतुलन बिगड़ने से डूबने लगा। छोटे भाई ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर बोड़ाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
बताया जाता है कि आयुष एक निजी कंपनी में कार्यरत था और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पोस्टमार्टम हाउस में मां और छोटे भाई की चीख-पुकार ने मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं।
बोड़ाम थाना पुलिस ने बताया कि मामले में यूडी केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डैम, नदी और अन्य जलाशयों में नहाने के दौरान पूरी सतर्कता बरतें तथा गहरे पानी में जाने से बचें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
डिमना डैम में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
डिमना डैम जमशेदपुर का एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है, जहां हर सप्ताहांत बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। हालांकि, गहरे पानी और तेज धाराओं के कारण यहां नहाना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। झारखंड पर्यटन विभाग की ओर से भी जल सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डैम और जलाशयों में नहाने से पहले स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी चाहिए और लाइफ जैकेट का उपयोग करना चाहिए। पिछले वर्षों में डिमना डैम में डूबने से मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से डैम के खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और लाइफगार्ड तैनात करने की मांग की है। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में जल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाने का सुझाव दिया गया है।
अधिक जानकारी के लिए झारखंड पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
परिवार और समुदाय पर प्रभाव
आयुष कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरे सोनारी कागलनगर इलाके में शोक की लहर है। पड़ोसियों ने बताया कि आयुष मिलनसार और जिम्मेदार युवक था। उसकी छोटी बहन की शादी की तैयारियां चल रही थीं, जो अब अधर में लटक गई हैं।
कानूनी प्रक्रिया और मुआवजे की मांग
बोड़ाम थाना प्रभारी ने बताया कि यूडी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। परिवार ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
जल सुरक्षा के लिए नागरिकों की जिम्मेदारी
हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जलाशयों के पास सुरक्षा नियमों का पालन करे। बच्चों को तैराकी सिखाने के साथ-साथ गहरे पानी के खतरों के प्रति जागरूक करना जरूरी है। डिमना डैम में डूबने से मौत जैसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

