लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
गिरिडीह-चित्तरडीह रोड पर सड़क हादसा एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो छात्रों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। झारखंड के गिरिडीह जिले में सड़क सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और यातायात विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस मार्ग पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और यातायात नियमों की खुलेआम अवहेलना आम बात हो गई है, जिसका खामियाजा निर्दोष राहगीरों और छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
गिरिडीह-चित्तरडीह रोड पर सड़क हादसा: घटना का विवरण
गिरिडीह: गिरिडीह-चित्तरडीह मुख्य मार्ग पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन इस सड़क पर हो रही दुर्घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। गुरुवार को एक बार फिर इसी मार्ग पर परसाटांड़ के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने स्कूल जा रहे बाइक सवार दो छात्रों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, सुंदरटांड़ निवासी किशोरी राणा (पिता- भोला राणा) और रजपुरा निवासी एक छात्र, जो मोहन दास का नाती बताया जा रहा है, बाइक से राजपुरा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जा रहे थे। इसी दौरान परसाटांड़ के समीप तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों छात्र सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया।
पुलिस कार्रवाई और स्थानीय जनाक्रोश
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाने के साथ आगे की कार्रवाई में जुट गई। दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक के संबंध में भी पुलिस जानकारी एकत्र कर रही है। इधर, लगातार हो रहे सड़क हादसों से गिरिडीह-चित्तरडीह मार्ग पर लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर तेज रफ्तार भारी वाहनों का परिचालन और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर नियमित वाहन जांच, ओवरस्पीडिंग पर रोक और सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा के मानकों की घोर उपेक्षा हो रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह गिरिडीह जिलाा> के सभी संवेदनशील मार्गों पर स्पीड गवर्नर, स्पीड ब्रेकर और सीसीटीवी कैमरे लगवाने की दिशा में त्वरित कदम उठाए। साथ ही स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। [INTERNAL_LINK_HOLDER] स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को भी इस मुद्दे पर मुखर होकर प्रशासन पर दबाव बनाना होगा, ताकि भविष्य में कोई और मासूम जिंदगी तेज रफ्तार की भेंट न चढ़े।

