खनन विभाग की छुपी नजर, खनन माफियाओं की बल्ले-बल्ले
निराला घाट से अवैध बालू निकालने वालों पर अविलंब कारवाई होगी:सरयू राय
देवानंद सिंह
बारीडीह में निराला पथ, बिरसानगर के हुरलूंग के समीप स्वर्णरेखा नदी घाट समेत अन्य घाटों से खनन माफियाओं द्वारा अवैध तरीके से बालू कि निकासी कर राज्य सरकार को लाखों का चूना लगाया जा रहा है. ऐसा नहीं है की अवैध बालू की निकासी दो-चार 10 दिनों से हो रही है, बल्कि महीनों से यह काम अबाध गति से चल रहा है .आखिर खनन विभाग को इसकी सूचना क्यों नहीं है? जबकि खनन विभाग के अधिकारी समेत जिला खनन पदाधिकारी नदीम सैफी जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जाकर छापेमारी करते हैं. औचक निरीक्षण भी किया जाता है , अवैध तरीके से पहाड़ काटकर गिट्टी का उठावा या अवैध तरीके से खनिज पत्थरों का उठावा किया जाता है, जिस पर खनन पदाधिकारी की नजर है . लेकिन सब जगह उनकी नजर क्यों नहीं पड़ती है? लोग जानना चाहते हैं ऐसे में सवाल तो उठता है . यह भी कहा जाता है कि स्थानीय पुलिस भी इस कार्य को रोक सकती है , लेकिन पुलिस का कहना है कि यह तो खनन विभाग का मामला है और जब तक खनन विभाग के पदाधिकारी पुलिस को सूचित नहीं करते, अथवा करवाई का लिखित आदेश नहीं देते हैं तब तक पुलिस कुछ कर नहीं पाती है. दरअसल पुलिस के जिमे विधि व्यवस्था बनाए रखना होता है. अगर खनन विभाग का कार्य पुलिस करने लगी तो उस पर भी सवाल खड़े किए जाएंगे. यह भी कहा जाने लगेगा कि पुलिस को कुछ मिलता नहीं है इसलिए पुलिस का हस्तक्षेप हो रहा है. खनन विभाग स्वयं भी सवाल खड़े कर सकता है. इसलिए पुलिस भी अपना काम करती है . वैसे तो पिछले 10 माह में खनन विभाग ने बारीडीह में दो, बागुनहातू में दो , तुरिया बेड़ा और हूरलूंग में अवैध बालू निकासी के मामले स्थानीय थाना में दर्ज कराएं हैं . पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपियों को जेल भेजा गया. लेकिन जमानत पर छूटते ही ये माफिया पुनः अपना अवैध कारोबार शुरू कर देते हैं . यहां यह भी जानना आवश्यक है कि पिछले दिनों तुड़ियाबेड़ा में अवैध रूप से बालू का भंडारण किया जा रहा था. जिसे धालभूम अनुमंडल अधिकारी नीतीश कुमार सिंह और जिला खनन पदाधिकारी की औचक छापेमारी में पकड़ा गया था. बालू घाट से आधा दर्जन ट्रैक्टर , डंपर और 407 वाहन जप्त किए गए थे . कार्रवाई भी हुई थी . लेकिन जैसे ही खनन विभाग सुस्त पड़ता है , बालू माफिया अपना काम शुरू कर देते हैं. बारीडीह और बिरसानगर के स्थानीय लोगों का इस बारे में कहना है कि अगर ढंग से जांच कर दी जाए तो कई ऐसे पॉइंट मिलेंगे जहां अवैध बालू का भंडारण किया गया है. अगर भंडारण किया गया है, तो उसकी जांच जरूरी है. और जिला प्रशासन तथा खनन विभाग उसके लिए आवश्यक कागजातों की मांग कर सकता है . लेकिन फिलहाल या तो विभाग को इसकी सूचना नहीं है या तो विभाग की नजर उस ओर नहीं जा रही है . ऐसा करके खनन माफिया सरकार के राजस्व को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं . जिससे लाखों लाख का बारा न्यारा हो रहा है . कुछ लोगों का कहना है कि खनन माफियाओं को बड़े-बड़े नेताओं का और कुछ सफेदपोश लोगों का संरक्षण प्राप्त है . जिसकी आड़ में इस अवैध खनन को अंजाम दिया जाता है . इस क्षेत्र के खनन माफियाओं की प्रगति भी देखने लायक है . लोग कहते हैं कि दिन दूना रात चौगुना इनकी संपत्ति में इजाफा हो रहा है. दरअसल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी ने 10 जुलाई से 15 अक्टूबर तक बालू उठावा पर रोक लगा रखी थी. इसके तहत बालू की अवैध निकासी पर कड़ी कार्रवाई के प्रावधान किए गए हैं . एनजीटी की रोक और बालू की निकासी में होने वाली परेशानी, कानूनी अड़चन और सेटिंग गेटिंग का खर्च बता कर खनन माफिया बालू की मनमानी कीमत वसूल करते हैं और रुपयों की जमकर बंदरबांट की जाती है . यही वजह है की रात के अंधेरे को छोड़ दिया जाए तो दिन के उजालों में भी खनन का काला कारोबार धड़ल्ले से चलता है . जानकारों का कहना है कि जिन वाहनों से रात दिन बालू घाटों से बालू की ढुलाई होती है , अगर उनके कागजातों की सही तरीके से जांच कर दी जाए तो पता चलेगा कि उनके पास वाहन के एक भी वैध कागजात नहीं हैं. न वाहन के टैक्सेस दिए जाते हैं न तो परमिट है और ना ही ये वाहन सरकार के नियम कायदे कानूनों के दायरे में चलते हैं.
निराला घाट से अवैध बालू निकालने वालों पर अविलंब कारवाई होगी:सरयू राय
विधायक सरयू राय का प्रेस बयान जारी कर कहा कि
दीपावली और छठ पर्व के मद्देनज़र ज़िला प्रशासन ने सराहनीय स्वच्छता अभियान आरम्भ किया है. इस अभियान के तहत न केवल छठ घाटों बल्कि पूरे शहर को साफ-सुथरा करने की योजना पर प्रशासन काम कर रहा है. कल मैं भी नदी किनारे के छठ घाटों का भ्रमण करूँगा और वस्तुस्थिति से प्रशासन को अवगत करवाउँगा.
आज इस संबंध में मैंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से दूरभाष पर बात की और उन्हें सूचना दिया कि बारीडीह के निराला घाट पर लंबे समय से सुनियोजित बालू की अवैध निकासी हो रही है जिसके कारण नदी तट के किनारे की गहराई डूब के बराबर हो गई है.
निराला घाट पर अवैध बालू निकासी के बारे में मुझे तीन माह पहले क्षेत्र भ्रमण के दौरान जानकारी मिली थी. प्रशासन ने तत्काल कारवाई किया. अवैध बालू लदे वाहन पकड़े गये, पर कुछ दिन बाद छूट गये.
उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि निराला घाट से अवैध बालू निकालने वालों पर अविलंब कारवाई होगी और इस पर प्रभावी रोक लगेगी.
क्रमशः आगे पढ़ें बारीडीह दुर्गा पूजा मैदान एरिया किन खनन माफियाओं के कब्जे में है और टाटा स्टील तथा जिला प्रशासन मौन क्यों हैं.

