प्रभुनाथ से लगातार प्लेटलेट्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए युवा रक्तदाता लगातार जुड़ रहे हैं
जमशेदपुर: लगातार प्लेटलेट्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए युवा रक्तदाता लगातार जुड़ रहे हैं, जिसके कारण स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सका है, इस क्रम में टाटा स्टील कर्मी, राकेश कुमार सिंह ने जरुरत को देखते हुए इस माह में अपना दूसरा प्लेटलेट दिया, उन्होने चार नियमित रक्तदान भी किया है, श्री ए आलम जो कि नियमित रक्तदाता है, उन्होने अपना 12वां एसडीपी दान किया, वे 22 बार नियमित रक्तदान भी कर चुके हैं, टाटा मोटर्स कर्मी सुमित ठाकुर ने आज अपना पहला एसडीपी दान किया,
उन्होने पहले 20 बार रक्तदान किया है, टाटा स्टील कर्मी व यूनियन कमिटी मेम्बर राजेश ठाकुर ने 15वीं बार एसडीपी दान किया, उन्होने 12 नियमित रक्तदान भी किया है, उन्होने आज अपना 25 रक्तदान पूरा होने का सम्मान जमशेदपुर ब्लड सेन्टर से प्राप्त किया। इस शहर से जुड़े समाचारों को संवेदनशीलता से लिखने व आमजनों तक पहुंचाने वाले पत्रकार भी आज की परिस्थिति में चीजों को समझते हुए इसमें पीछे नहीं है, इस क्रम में पत्रकार राजमनि सिंह ने अपना तीसरा एसडीपी दान किया, वे नियमित रूप से 10 बार रक्तदान कर चुके हैं, वरीय पत्रकार एवं आनन्द मार्ग से जुड़े सुनील आनन्द लगातार नियमित रक्तदान के साथ एसडीपी डोनेशन अभियान के लिए कार्य कर रहे हैं, उन्होने अपना 25 रक्तदान भी इसी बीच पूरा किया, जमशेदपुर ब्लड बैंक के प्रशासक श्री संजय चौधरी एवं उनकी पूरी टीम ने उन्होने सम्मानित किया। रेड क्रॉस सभी युवा रक्तदाता से अपील करता है कि वे एसडीपी डोनेशन के लिए जमशेदपुर ब्लड सेन्टर में अपनी ब्लड सैंम्पलिंग करवा लें अगर उनमें उपयुक्त मात्रा में प्लेटलेट्स होगा तो उनसे एसडीपी डोनेशन के लिए आग्रह पूर्वक सम्पर्क किया जायेगा।
रक्तदान या एसडीपी डोनेशन एक पूर्ण स्वैच्छिक कार्य है, इस पर कोई दबाव नहीं है। एसडीपी वर्ष में 24 बार किया जा सकता है और यह एक पूर्ण सुरक्षित अफेरेसिस तकनीक पर आधारित है। वर्तमान परिस्थिति ऐसी है कि हर रक्तदाता एक जरूरतमंद के लिए जीवन का वरदान है, जो भी स्वच्थ युवा हैं, वे रक्तदान से जुड़ें। रेड क्रॉस सोसाईटी के एसडीपी डोनेशन प्रभारी प्रभुनाथ सिंह एवं उनके सहयोगी रेड क्रॉस कार्यकर्ता श्याम कुमार लगातार एसडीपी डोनर एवं रक्तदाताओं से सम्पर्क में हैं ताकि जरूरत के अनुसार एसडीपी डोनेशन करवाया जा सके।

