यूसीआईएल तुरामडीह में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज
विस्फोटक परिवहन, बाहरी निर्माण कार्य, रॉक बोल्ट व अन्य मामलों को लेकर सतीश सिंह ने सरयू राय को सौंपा ज्ञापन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर/जादूगोड़ा। यूसीआईएल तुरामडीह प्रबंधन से जुड़े कथित अनियमितताओं और कार्यप्रणाली को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है। भाजपा नेता सतीश सिंह ने अपनी टीम के साथ पश्चिमी विधानसभा के विधायक सरयू राय को ज्ञापन सौंपकर विस्फोटक पदार्थों के परिवहन सहित विभिन्न मामलों की DAE और DGMS के प्रावधानों के तहत निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने का आग्रह किया।
ज्ञापन में कथित तौर पर आरसी रद्द वाहन से झरिया मैगजीन से तुरामडीह खान तक विस्फोटक पदार्थों के परिवहन, माइंस के अंदर के कार्यादेश के तहत सतह पर सड़क निर्माण, रॉक बोल्ट के इस्तेमाल, यूरेनियम पत्थर के कथित दुरुपयोग तथा संवेदकों से जुड़े मामलों को उठाया गया है।
इधर, बाहरी निर्माण कार्य को लेकर विभागीय जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि संबंधित सिविल विभाग इस कार्य से अनभिज्ञता जता रहा है। वहीं, पूरे मामले में खान प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जांच की मांग करने वालों का कहना है कि मामला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण उपक्रम यूसीआईएल में पारदर्शिता, नियमों के पालन और संस्थागत शुचिता सुनिश्चित करने से जुड़ा है। उन्होंने पूर्वी सिंहभूम स्थित यूसीआईएल की इकाइयों में सीएसआर एवं विस्थापितों-प्रभावितों से जुड़े कार्यों की भी नीति-सम्मत समीक्षा की मांग करते हुए आने वाले दिनों में व्यापक अभियान चलाने की बात कही।
*बॉक्स रंगीन*
जांच की मांग के प्रमुख बिंदु
कथित तौर पर आरसी रद्द वाहन से विस्फोटक परिवहन की जांच की मांग।
झरिया मैगजीन से तुरामडीह खान तक विस्फोटक ले जाने के मामले में DAE और DGMS के नियमों के पालन की जांच।
माइंस के अंदर के कार्यादेश के तहत बाहरी सतह पर सड़क निर्माण को लेकर सवाल।
सड़क निर्माण में विशेष रॉक बोल्ट के इस्तेमाल की जांच की मांग।
यूरेनियम पत्थर के कथित दुरुपयोग और संवेदकों से जुड़े मामलों की जांच की मांग।
यूसीआईएल की संबंधित इकाइयों में सीएसआर एवं विस्थापित-प्रभावित लोगों से जुड़े कार्यों की समीक्षा की मांग।
मांगकर्ताओं के अनुसार उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि यूसीआईएल में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

