Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » यूरोप में खत्म हो रहा है कोरोना वायरस का संक्रमण, जल्द मिलेगी इस महामारी से राहत: WHO
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    यूरोप में खत्म हो रहा है कोरोना वायरस का संक्रमण, जल्द मिलेगी इस महामारी से राहत: WHO

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 7, 2022No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जिनेवा. यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस महामारी अपने आखिरी दौर में आ गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप कार्यालय के डायरेक्टर डॉ. हंस क्लूज ने ये जानकारी दी. उनका कहना है कि यूरोप अब कोरोना महामारी के खिलाफ निर्णायक जंग जीतने के करीब पहुंच रहा है. इस वायरस से होने वाली मौतों का ग्राफ अब काफी कम हो रहा है.

    डब्ल्यूएचओ के यूरोप ऑफिस के डायरेक्टर डॉ. हंस क्लूज ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘यूरोपीय देशों के पास इकलौता ऐसा अवसर है और तीन ऐसे कारक हैं, जिनकी वजह से कोरोना महामारी के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की जा सकती है. अगर सारे कदम उठा लिए जाते हैं, तो कोविड महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा, पहला कारक है, वैक्सीनेशन की वजह से या लोगों के संक्रमित होने की वजह से काफी ज्यादा लोगों में इम्यूनिटी का आना. दूसरा फैक्टर है, गर्मी के मौसम में वायरस के संक्रमण फैलाने की क्षमता में कमी आना. तीसरा फैक्टर है, ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से लोगों का कम गंभीर बीमार होना.

    डॉ. क्लूज ने कहा कि पिछले सप्ताह डब्ल्यूएचओ के यूरोपीय क्षेत्र में एक करोड़ 20 लाख नए कोरोना वायरस मरीज मिले थे, लेकिन इतने मरीज मिलने के बाद भी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कोई खास इजाफा नहीं हुआ. डॉ. हंस क्लूज ने कहा कि अभी जो मौका हाथ आया है, उसे एक तरह के कोविड संक्रमण के खिलाफ युद्धविराम माना जाना चाहिए. साथ ही इस मौके का फायदा उठाते हुए तेजी से इस वायरस को पूरी तरह से नियंत्रित कर लेना चाहिए

    यूरोपीय देशों में आने वाले हफ्तों में सर्दी कम होने वाली है. धीरे-धीरे गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है. यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में आने वाले हफ्तों में सर्दी कम हो जाती है. डब्ल्यूएचओ के यूरोप के डायरेक्टर डॉ. क्लूज ने कहा, ‘आने वाले कुछ महीनों में हमें कोविड महामारी से एक ब्रेक मिल सकता है. लंबी अवधि के दौरान कोविड महामारी का फिर से प्रसार देखने की संभावना काफी कम रहने वाली है, क्योंकि काफी बड़ी आबादी में कोविड महामारी के खिलाफ प्रतिरक्षा आ गया है. यहां तक कि अगर एक और वेरिएंट भी सामने आता है, तो भी उसका प्रभाव यूरोपीय देशों पर कम होगा, लेकिन उसके लिए जरूरी शर्त ये है कि युद्धविराम के इस समय में हम काफी तेजी के साथ टीकाकरण को आगे बढ़ाएं.’
    ब्रिटेन और डेनमार्क सहित पूरे यूरोप के कई देशों ने अपने लगभग सभी कोरोना वायरस प्रतिबंधों को यह कहकर हटा दिया है कि ओमिक्रॉन का पीक खत्म हो चुका है. वहीं, स्पेन समेत कई देश कोविड प्रतिबंधों को खथ्म करने पर विचार कर रहे हैं. पिछले हफ्ते इंग्लैंड ने भी लगभग सभी घरेलू प्रतिबंधों को खत्म कर दिया है और अब पूरे देश में कभी भी मास्क लगाना अनिवार्य नहीं है. ब्रिटेन में अब कहीं जाने के लिए वैक्सीन पास की भी जरूरत नहीं है और अब वर्क फ्रॉम होम की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है. सिर्फ अब कोविड पॉजिटिव लोगों के लिए खुद को आइसोलेट करना ही कानूनी बाध्यता है. इसके अलावा कई देश ये विचार कर रहे हैं कि कोविड महामारी को मौसमी बीमारी घोषित कर दिया जाए. किसी मौसमी बीमारी की तरह ही इसे नियंत्रित करने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए.

    हालांकि, अभी भी कई ऐसे देश हैं, जहां अभी भी कोविड प्रतिबंध लागू हैं. ऑस्ट्रिया में अभी भी वैक्सीन अनिवार्यता लागू है. ग्रीस में 60 साल की उम्र से ज्यादा के लोगों के वैक्सीन नहीं लेने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इस बीच, जर्मनी के राजनेताओं ने राष्ट्रीय टीकाकरण जनादेश लागू करने पर बहस शुरू कर दी है. जबकि, डेनिश हेल्थ अथॉरिटी के प्रमुख सोरेन ब्रोस्ट्रॉम ने डेनिश ब्रॉडकास्टर TV2 को बताया कि उनका ध्यान संक्रमणों की संख्या के बजाय आईसीयू में भर्ती लोगों की संख्या पर है. हालांकि, डब्ल्यूएचओ के जिनेवा मुख्यालय में महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस ने चेतावनी दी है कि पूरी दुनिया अभी भी महामारी से बाहर निकलने से दूर है. टेड्रोस ने मंगलवार को कहा, हम चिंतित हैं कि कुछ देशों में ऐसा सोच लिया है कि ओमिक्रॉन कमजोर है, लिहाजा उसके खिलाफ सावधान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन सच्चाई ये है कि कुछ भी हो सकता है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleअफगानिस्तान में PAK सेना पर हमला, टीटीपी ने मार गिराए 5 पाकिस्तानी सैनिक
    Next Article स्पर्म देने का देश में कोई कानून नहीं, अस्पताल ने दिल्ली हाईकोर्ट में दिया हलफनामा, जानें क्या है पूरा मामला

    Related Posts

    दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

    June 6, 2026

    नितिन नवीन से मिले सरयू राय

    June 6, 2026

    भाजपा जामताड़ा नगर की मासिक संगठनात्मक बैठक संपन्न

    June 6, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    तुम्हारे लिए

    दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

    नितिन नवीन से मिले सरयू राय

    भाजपा जामताड़ा नगर की मासिक संगठनात्मक बैठक संपन्न

    साइबर ठगी के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद

    नाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित चिकित्सकों से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

    करमाटांड़ और नारायणपुर में आम उत्सव सह बागबानी मेला आयोजित, जैविक आमों ने खींचा लोगों का ध्यान

    पंचायतों में योजनाओं की हकीकत परखी, वरीय अधिकारियों ने किया निरीक्षण

    नाला खाद्यान्न गोदाम का औचक निरीक्षण, उपायुक्त ने दिए आवश्यक निर्देश

    नाला प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण, उपायुक्त ने दिए अहम निर्देश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.