वैसाख माह पर्व महोत्सव में आदिवासी ने प्रकृति के निर्माता को कहा धन्यवाद
– पर्व के दौरान आदिवासी समाज ने मुख्य रूप से प्रकृति के निर्माता को धन्यवाद कर , पेड़ पौधे को और आशीष लिया।
मुकेश रंजन संवाददाता
रांची :- वर्षों से कांके जंगल टोली सरना धर्मस्थल पर वैसाख माह के अवसर पर मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आस-पास के विभिन्न गांवों से आदिवासी समाज के लोग पौराणिक रीति रिवाज के साथ प्राकृतिक की पूजा की।
इस पर्व को मुख्य रूप से मुंडा, उरांव महली जनजाति के लोग हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया। जिसमें आदिवासी समाज के पाहन(पुजारी) द्वारा सरना धर्म स्थान पर प्राचीन रश्मो रिवाज के साथ पूजा अर्चना की गई। जिसमें पहान द्वारा अरवा चावल और पकवान देव स्थल पर चढ़ाया गया। इसके बाद केकड़ा पूजा फिर मुर्गे की बलि के साथ पूजा संपन्न हुई।
हर्षोल्लास के साथ मनाया त्योहार –
पूजा के बाद देर शाम तक आदिवासी समुदाय द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें लोक संगीत और पारम्परिक नृत्य की प्रस्तुति की गई। आदिवासी युवा द्वारा ढोल नगाड़ा के साथ लोग खूब झूमे हैं और गीत संगीत का आनंद लिया। सरना धर्म स्थल के कार्यक्रम में तिल्लू उरांव ने बताया कि यह पर्व प्रकृति की उपासना का पर्व है। जहां विभिन्न आदिवासी समाज के लोग प्रकृति से जुड़ाव के लिए इसकी पूजा अर्चना करते हैं और हर्षोल्लास के साथ पर्व को मनाते हैं।

