इस वर्ष मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है, अप्रैल के बाद अब मई में भी गर्मी का एहसास उतना नही होगा, जितना रहता है. मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार पूर्व, पूर्वोत्तर व पाकिस्तान की सीमा से लगे उत्तर-पश्चिमी भारत को छोड़कर बाकी हिस्सों में मई में तापमान 40 डिग्री के ऊपर नहीं जा पाएगा. अगले 4 दिन 14 राज्यों में भारी और बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार एमपी, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय व नगालैंड में गरज के साथ अगले 4 दिनों में भारी बारिश होने का अनुमान है. वहीं हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है. दूसरी ओर गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा में हल्की बारिश होने का अनुमान है. 10 राज्यों में बादल छाए रहेगें. मई में भारतीय जमीन पर सतही तापमान का मानसून से कोई सीधा संबंध नहीं है.
मानसून समुद्र के दो सिरों की समुद्री सतह के तापमान पर निर्भर करता है. ये तीन तरह की स्थितियां हो सकती हैं, न्यूट्रल, अलनीनो व लानीना. न्यूट्रल स्थिति में मानसून सामान्य रहता है. अलनीनो में सूखा और लानीना में ज्यादा बारिश होती है. इस समय न्यूट्रल स्थिति है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जुलाई-अगस्त के बीच अलनीनो की स्थितियां बनने लगेंगी. वही भारतीय मानसून की मदद करने वाली दूसरी घटना इंडियन डायपोल का पॉजिटिव होना जल्द शुरू होने वाली है.
जल्दी आएगा मानसून-
मौसम विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि मानसून एक जून को केरल में दस्तक देगा. इसका सही अनुमान 15 मई तक लग सकेगा. हालांकि मई के दूसरे से तीसरे हफ्ते के बीच अंडमान सागर के पास बंगाल की खाड़ी में एक समुद्री तूफान बन सकता है. वह देश के कुछ हिस्सों में प्री.मानसूनी बारिश करा सकता है.

