राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला-खरसावां जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का संगठन लगातार मजबूत होता नजर आ रहा है. शनिवार को कांग्रेस छोड़कर हाल ही में झामुमो में शामिल हुए केपी सोरेन के आवास पर आयोजित मिलन समारोह में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और पुरुषों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी मौजूद रहीं.
इस दौरान आदित्यपुर नगर निगम वार्ड संख्या-7 के पार्षद परितोष बेज, पूर्व पार्षद ममता बेज और क्षेत्र के चर्चित सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता बीटी दास ने अपने समर्थकों के साथ झामुमो का दामन थाम लिया. राजनीतिक दृष्टिकोण से यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बीटी दास और ममता बेज को पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन का करीबी माना जाता रहा है.
गौरतलब है कि जब चंपाई सोरेन ने झामुमो छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, तब बीटी दास और ममता बेज भी उनके साथ भाजपा में शामिल हुए थे. हालांकि अब दोनों नेताओं ने पुनः झामुमो में वापसी कर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद जोबा माझी ने पार्टी में शामिल हुए सभी लोगों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न दलों और वर्गों के लोग झामुमो से जुड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के हित में लगातार काम कर रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जनता के बीच दिखाई दे रहा है.
सांसद ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. उन्हें संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी.
केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लंबित रहने से जुड़े सवाल पर जोबा माझी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहे हैं. उन्होंने बताया कि नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री ने झारखंड के लंबित मामलों और योजनाओं को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखी है. उन्हें उम्मीद है कि राज्य को जल्द ही लंबित योजनाओं का लाभ मिलेगा.
सांसद ने कांग्रेस छोड़कर झामुमो में शामिल हुए केपी सोरेन की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि एक बड़े राष्ट्रीय दल को छोड़कर झामुमो में शामिल होना उनके राजनीतिक विश्वास और झारखंडी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उनके आने से पार्टी का जनाधार मजबूत हुआ है और आने वाले दिनों में संगठन को इसका लाभ मिलेगा.
वहीं केपी सोरेन ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने के बाद जिस तरह विभिन्न वर्गों और समुदायों का समर्थन उन्हें मिल रहा है, वह उत्साहवर्धक है. उन्होंने कहा कि झामुमो झारखंड की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी-मूलवासी हितों की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी है. इसी विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने पार्टी का दामन थामा है और अब उनके साथ बड़ी संख्या में लोग भी जुड़ रहे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के करीबी माने जाने वाले बीटी दास ने भी अपनी घर वापसी पर खुलकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वे चंपाई सोरेन के साथ भाजपा में जरूर गए थे, लेकिन वहां उन्हें अपेक्षित सम्मान और भूमिका नहीं मिली. इसी कारण उन्होंने पुनः अपने पुराने राजनीतिक घर झामुमो में लौटने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि झामुमो में कार्यकर्ताओं को सम्मान और पहचान मिलती है.
कार्यक्रम में अभय झा, संजय कुमार सहित झामुमो के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे. समारोह के दौरान नए सदस्यों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया गया और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया.

